सीआईएस संवाद-2025 : चौथे दिन पांच विभागों की सहभागिता, उद्यमियों की समस्याओं का समाधान


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । सीआईएस संवाद-2025 औद्योगिक संगम का चौथा दिन उद्यमियों और विभागीय अधिकारियों के बीच सार्थक संवाद का मंच बना। गुरुवार को आयोजित कार्यशाला में श्रम विभाग, सहायक निदेशक कारखाना, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, कर्मचारी राज्य बीमा निगम तथा उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रथम महापौर सहारनपुर संजीव वालिया रहे। उन्होंने कहा कि संवाद ऐसा प्रभावी माध्यम है, जिसके जरिए उद्यमियों की समस्याओं का समाधान और विभागीय योजनाओं की जानकारी एक ही मंच से संभव हो पाती है।
संस्था अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी ने कहा कि संवाद का उद्देश्य उद्यमियों और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करना है। बीते दिनों की तरह आज भी उद्यमियों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं और अधिकारियों ने संतोषजनक समाधान दिए।
सहायक श्रमायुक्त प्रवीण कुमार और श्रम प्रवर्तन अधिकारी एसएस त्रिपाठी ने बताया कि श्रम कानूनों को सरल बनाने के लिए 29 से अधिक अधिनियमों को चार संहिताओं में समाहित किया गया है। अब निरीक्षण प्रक्रिया ऑनलाइन है और शॉप एक्ट का नवीनीकरण अनिवार्य नहीं रहा।
सहायक निदेशक कारखाना रवि प्रकाश ने फैक्ट्री एक्ट के सुरक्षा मानकों पर प्रकाश डालते हुए श्रमिक सुरक्षा को सर्वोपरि बताया।
सहायक आयुक्त राजकुमार सिंह और प्रवर्तन अधिकारी निखिल तिवारी ने उद्यमियों को आश्वस्त किया कि विभाग समय पर परामर्श और सहयोग के लिए तत्पर है।
प्रबंधक रंजन कुमार ने कहा कि संगठन श्रमिकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
क्षेत्रीय प्रबंधक डॉ. योगेंद्र सिंह ने उद्योगों को एनओसी की प्रक्रिया और पर्यावरणीय मानकों के पालन की जानकारी दी।
संरक्षक अमर गुप्ता, अध्यक्ष रविंद्र मिगलानी और महासचिव बलजीत सिंह चावला ने अधिकारियों से सवाल किए। कार्यशाला में 100 से अधिक उद्यमी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
19 सितम्बर को कार्यशाला में पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, आरटीओ और यातायात पुलिस विभाग भाग लेंगे, जबकि 20 सितम्बर को अग्निशमन विभाग और जिला पंचायत विभाग सहभागिता करेंगे।
दिनभर चले इस सत्र में उद्यमियों की शंकाओं का समाधान हुआ और विभागों को उद्योग जगत की चुनौतियों की प्रत्यक्ष जानकारी मिली। आयोजन ने यह संदेश दिया कि उद्योग और प्रशासन यदि साझा मंच पर चर्चा करें तो समस्याओं का समाधान सहज हो सकता है।







