बुड्ढाखेड़ा में आर्य समाज गंगोह का वेद प्रचार वेद ही सच्चा मार्ग दिखाते हैं – वेदरथी नरेन्द्रदत्त

शहरी चौपाल ब्यूरो 
गंगोह (सहारनपुर)। आर्य समाज के तत्वावधान में ग्राम-ग्राम में चल रहे 11 दिवसीय वेद प्रचार कार्यक्रम के तीसरे दिन मंगलवार को ग्राम बुड्ढाखेड़ा में वेदरथ के साथ तीन सत्रों में वेद का संदेश दिया गया।
बिजनौर से आमंत्रित प्रख्यात भजनोपदेशक वेदरथी नरेन्द्रदत्त आर्य ने यज्ञ-हवन के साथ वेद प्रचार का शुभारंभ किया। प्रातः, अपराह्न और रात्रि कालीन तीन सभाओं में उन्होंने वेदों का संदेश देते हुए कहा कि अंधविश्वास, पाखंड, आडंबर और मूर्तिपूजा से बचना चाहिए, क्योंकि यह मनुष्य के पतन का कारण है। केवल सर्वशक्तिमान ईश्वर की ही उपासना करनी चाहिए। उन्होंने मातृशक्ति से आह्वान किया कि बच्चों को मूर्तिपूजा और कुरीतियों में न डालें, बल्कि उन्हें सशक्त और निर्भीक बनाएं।
उन्होंने कहा कि वास्तव में वेद ही मनुष्य को जीने का सच्चा मार्ग दिखाते हैं, इसी कारण महर्षि दयानंद ने मनुष्यों को “वेदों की ओर लौट चलो” का आह्वान किया। इस अवसर पर वीरेंद्र शास्त्री और अंशुल आर्य ने भी अपने विचार रखे।
कार्यक्रम में जिला आर्य प्रतिनिधि सभा के मीडिया प्रभारी व तहसील नकुड़ मंत्री डॉ. वीरसिंह भावुक, आर्य समाज अध्यक्ष देवेंद्र आर्य, वैदिक मिशनरी सोमप्रकाश आर्य, रमेश आर्य, नाथीराम सैनी, ऋषिपाल सैनी, जिला पंचायत सदस्य रामदास सैनी, पूर्व प्रधान नरेश सैनी, डॉ. विनोद सैनी, चरणसिंह, सुभाष विश्वकर्मा सहित कार्यक्रम संयोजक बुद्धसिंह सैनी व डॉ. राजपाल सैनी मौजूद रहे।






