मदरसा दारुल उलूम क़ादिरिया सलेमपुर गदा की पहल
जम्मू-कश्मीर और पंजाब के बाढ़ पीड़ितों को राहत सामग्री रवाना


शहरी चौपाल ब्यूरो सोम पाल कश्यप
बेहट , । जम्मू-कश्मीर और पंजाब में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए मदरसा दारुल उलूम क़ादिरिया, सलेमपुर गदा एवं कंबोहमाजरा बस्ती के जिम्मेदार लोगों ने एक अहम राहत अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत जरूरतमंदों के लिए राशन, पीने का पानी, कंबल, गर्म कपड़े और अन्य आवश्यक सामग्री एकत्र कर वाहनों के काफिले के माध्यम से भेजी गई।

इस अवसर पर हज़रत अल्हाज़ हाफ़िज़ मतलूब हसन साहब ने कहा कि किसी के ज़ख़्मों पर मरहम लगाना पैगम्बर-ए-कारिम की सुन्नत है और यह हमारा धार्मिक व मानवीय दायित्व है कि संकट में फँसे भाइयों की मदद करें। वहीं जम्मू पहुँचने पर मुफ़्ती सगीर अहमद क़ासमी साहब ने कहा कि हम पंजाब और कश्मीर सैलाब पीड़ितों की आँसुओं की सांत्वना पर सहायकों के हृदय से आभारी हैं और ऐसे प्रयासों को और प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

राहत दल ने प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों को आटा, चावल, दाल, तेल, पानी की बोतलें, गर्म कपड़े और कंबल वितरित किए। राहत काफिले को सूफ़ी मुश्ताक साहब, मौलाना मुकर्रम मतलूब नदवी साहब और स्थानीय ग्रामवासियों ने प्रार्थनाओं और शुभकामनाओं के साथ रवाना किया।
इस पुनीत कार्य में इनाम मलिक, इमरान मलिक, हाफ़िज़ जुल्फान, मौलाना नदीम मजाहिरी, शमीम अहमद मलिक, हाफ़िज़ सलमान, शावेज़ प्रधान, अब्दुल हफ़ीज़ रावत, अब्दुल मन्नान रावत, जान आलम रावत, वासिफ़ मिर्ज़ा, साबिर मिर्ज़ा, इस्तेख़ार ग़ौरी, मंसूर गाड़ा, नफीस प्रधान, साकिब मलिक, इरशाद मलिक, शोएब आलम प्रतिनिधि सहित कई ग्रामवासियों ने तन, मन और धन से योगदान दिया।
मदरसे की इस पहल की न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि दूर-दराज़ तक प्रशंसा हो रही है। इसे मानवता की सेवा का प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है।







