छुटमलपुर में सियासी हलचल तेज, सभासदों के इस्तीफों पर उठा विवाद
चार त्यागपत्रों पर बढ़ी कार्रवाई, शेष छह ने समान निर्णय की उठाई मांग


शहरी चौपाल ब्यूरो
छुटमलपुर। नगर पंचायत छुटमलपुर में अधिशासी अधिकारी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर मुख्यमंत्री के जनता दरबार में इस्तीफा देने वाले 10 सभासदों के मामले में नया मोड़ आ गया है। शासन स्तर पर फिलहाल चार सभासदों के इस्तीफे ही अनुमोदन प्रक्रिया में आगे बढ़ाए गए हैं, जिससे क्षेत्र की राजनीति गरमा गई है।
ज्ञात हो कि 19 जनवरी को नगर पंचायत के 10 सभासद लखनऊ पहुंचकर अपने इस्तीफे सौंपे थे। सभासदों ने नगर पंचायत प्रशासन पर विकास कार्यों में भागीदारी से वंचित रखने तथा भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाते हुए स्वेच्छा से त्यागपत्र दिया था। शासन द्वारा इन इस्तीफों को मंडलायुक्त सहारनपुर को प्रेषित किया गया था।
एडीएम प्रशासन कार्यालय से अग्रिम कार्रवाई के तहत वार्ड 13 के आदिल, वार्ड 12 के नवाब अंसारी, वार्ड 8 की दिलजहां प्रवीन तथा वार्ड 5 की रेशमा के इस्तीफों की प्रतियां अनुमोदन के लिए चेयरपर्सन शमा परवीन को भेजी गई थीं। अधिशासी अधिकारी कमलाकांत राजवंशी ने बताया कि चारों सभासदों के त्यागपत्र चेयरपर्सन को तामील कर उनकी संस्तुति के बाद आवश्यक कार्रवाई हेतु जिलाधिकारी को भेज दिए गए हैं।
वहीं, 10 में से केवल चार सभासदों के इस्तीफे प्रक्रिया में आने से शेष छह सभासदों में नाराजगी देखी जा रही है। बुधवार को नाराज सभासदों ने जिलाधिकारी सहारनपुर से मुलाकात कर कहा कि जब सभी 10 सभासदों ने एक साथ इस्तीफा दिया था तो केवल चार के त्यागपत्रों पर ही कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने सभी इस्तीफों पर समान रूप से निर्णय लेने की मांग की।
सभासदों ने चेतावनी दी कि यदि चारों सभासदों के इस्तीफे स्वीकार किए जाते हैं तो शेष छह भी औपचारिक रूप से अपने त्यागपत्र प्रशासन को सौंप देंगे। इस घटनाक्रम से नगर पंचायत क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है।











