बाल विवाह उन्मूलन को लेकर चला जागरूकता अभियान, बच्चों ने कस्बे में निकालकर दिया संदेश


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। निदेशक महिला कल्याण विभाग के आदेशानुसार पीसीएमए (बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम) के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए जनपद में 100 दिवसीय बाल विवाह रोकथाम कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा विद्यालय स्तर पर जागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है, ताकि विद्यार्थियों के माध्यम से समाज को बाल विवाह जैसी कुप्रथा के प्रति सचेत किया जा सके।
अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालय छुत्मपुर नंबर-2 में बाल विवाह उन्मूलन हेतु विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने कस्बे में भ्रमण कर लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी और इसे समाज से समाप्त करने का आह्वान किया। बच्चों ने बताया कि बाल विवाह आज भी समाज के कुछ वर्गों में व्याप्त है, जहां बालिकाओं की 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने से पहले ही शादी कर दी जाती है, जो पूर्णतः गलत और कानूनन अपराध है।
बच्चों ने क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे सरकारी विद्यालयों में बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं तथा कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में कक्षा 6 से 8 तक मिलने वाली निःशुल्क शिक्षा का लाभ उठाकर बालिकाओं को शिक्षित बनाएं। उन्होंने कहा कि बाल विवाह में बालक या बालिका मानसिक और शारीरिक रूप से विवाह जैसी जिम्मेदारी निभाने के लिए तैयार नहीं होते, जिससे उन्हें जीवनभर अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। साथ ही बच्चों ने चेतावनी दी कि बाल विवाह कराने पर कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षिका अंजलि आर्य ने उपस्थित लोगों से बच्चों की बातों को गंभीरता से लेने की अपील करते हुए कहा कि जब छोटे-छोटे बच्चे समाज को इतनी महत्वपूर्ण बात समझाने आए हैं, तो सभी को इस पर अवश्य विचार करना चाहिए।
अभियान के दौरान बच्चों ने बाल विवाह के विरोध में जोरदार नारे लगाए तथा नुक्कड़ नाट्य के माध्यम से संदेश दिया। इस अवसर पर रिजा, शबनूर, जिया, जोया, जिया, अज़रा, असद, समद सहित अन्य बच्चों ने अभिनय किया। कार्यक्रम में मोहम्मद नसीम, मीनाक्षी कंबोज सहित विद्यालय का अन्य स्टाफ भी उपस्थित रहा।











