समाचार पत्र सकारात्मक खबरों को दें प्राथमिकता : जसवंत सैनी
डॉ. वीरेंद्र आजम की 50 वर्षीय पत्रकारिता यात्रा पर हुआ भव्य अभिनंदन


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सांस्कृतिक संस्था ‘प्रतिबिंब’ एवं ‘साहित्य भारती’ सहारनपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक गरिमामय समारोह में वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार डॉ. वीरेंद्र आजम की पत्रकारिता के 50 वर्ष पूर्ण होने पर उनका भव्य अभिनंदन किया गया। समारोह में राजनीति, साहित्य, शिक्षा, व्यापार और समाज के प्रबुद्ध वर्ग के लोगों ने डॉ. आजम को ‘रत्नाकर सम्मान’ प्रदान कर सम्मानित किया।

अंबाला रोड स्थित रामतीर्थ केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मां शारदा की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन एवं नरेंद्र मस्ताना द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। मुख्य अतिथि प्रदेश सरकार में संसदीय कार्य राज्य मंत्री जसवंत सैनी, देश के प्रख्यात साहित्यकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र, अंतरराष्ट्रीय योग गुरु पद्मश्री भारत भूषण, कृषि विशेषज्ञ पद्मश्री सेठपाल, साहित्यकार एवं दैनिक ट्रिब्यून के साहित्य संपादक अरुण नैथानी तथा कार्यक्रम संयोजक राजेन्द्र शर्मा ने अंगवस्त्र व सम्मान चिह्न भेंट कर डॉ. वीरेंद्र आजम को सम्मानित किया।

मुख्य अतिथि जसवंत सैनी ने डॉ. वीरेंद्र आजम को 50 वर्षों की निष्पक्ष, ईमानदार और समर्पित पत्रकारिता के लिए बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने अपनी लेखनी से समाज को सकारात्मक दिशा दी है। उन्होंने कहा कि आज के समय में समाचार पत्रों को चाहिए कि वे सकारात्मक समाचारों को प्राथमिकता दें और नकारात्मकता को सीमित रखें, ताकि समाज में संतुलन और सद्भाव बना रहे। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए आयोजकों का आभार जताया।
मुख्य वक्ता डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने डॉ. वीरेंद्र आजम को ‘अजातशत्रु’ बताते हुए कहा कि जब पत्रकारिता मिशन से हटकर कमीशन की ओर बढ़ रही है, ऐसे समय में डॉ. आजम जैसे व्यक्तित्व समाज के लिए प्रकाश स्तंभ हैं। पद्मश्री भारत भूषण ने कहा कि डॉ. आजम की पत्रकारिता सदैव सकारात्मक सोच और उच्च आदर्शों पर आधारित रही है। पद्मश्री सेठपाल ने उनके सौम्य व्यवहार, धैर्य और गरिमापूर्ण पत्रकारिता की सराहना की।

साहित्यकार अरुण नैथानी ने कहा कि डॉ. वीरेंद्र आजम ने सामाजिक सरोकारों के साथ-साथ साहित्यिक पत्रकारिता में भी नए आयाम स्थापित किए हैं। महापौर डॉ. अजय कुमार ने उनकी पत्रकारिता को लोकतंत्र की सजग सखी और समाज के विवेक की आवाज बताया। पूर्व महापौर संजीव वालिया, नगर विधायक राजीव गुंबर, पूर्व विधायक वीरेंद्र ठाकुर, पर्यावरणविद् डॉ. एस.के. उपाध्याय सहित अन्य वक्ताओं ने भी डॉ. आजम को इस सम्मान का योग्य बताया।

इस अवसर पर कवि विनोद भृंग ने डॉ. वीरेंद्र आजम की पत्रकारिता पर आधारित दोहों का पाठ किया। अपने संबोधन में डॉ. वीरेंद्र आजम ने कहा कि उन्होंने अपनी पूरी पत्रकार यात्रा में साधनों और साधना दोनों को पवित्र रखने का प्रयास किया है तथा अपनी कलम और व्यवहार से सभी को सम्मान देने की कोशिश की है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्रकारिता का केंद्र विकास, सामाजिक सरोकार, कृषि, पर्यावरण, इतिहास और साहित्य रहा है।
कार्यक्रम का काव्यात्मक संचालन देहरादून से पधारे डॉ. वीरेंद्र शर्मा शम्मी ने किया। समारोह में बड़ी संख्या में साहित्यकार, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।











