किसानों की आय दोगुनी का दावा खोखला, कर्ज़ में डूबा अन्नदाता


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। भाजपा सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के बड़े वादे के साथ सत्ता में आई थी, लेकिन दस साल बाद सरकार के ही संसद में दिए गए जवाबों से सच्चाई सामने आ गई है। कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक देश के एक कृषि परिवार की औसत मासिक आय मात्र ₹10,218 है, जो न्यूनतम मजदूरी से भी कम बताई जा रही है।
आंकड़े बताते हैं कि फसल की खेती से किसानों की वास्तविक आय केवल ₹3,800 प्रति माह है, जिससे स्पष्ट है कि खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा बन चुकी है। आय दोगुनी करने के बजाय किसानों का कर्ज़ बढ़ता गया है। वर्ष 2013 में औसत बकाया कर्ज़ ₹47,000 था, जो अब बढ़कर ₹74,000 हो गया है। देश के लगभग आधे किसान आज भी कर्ज़ में डूबे हैं।
उत्तर प्रदेश की स्थिति और भी चिंताजनक बताई गई है। यहां किसानों की औसत मासिक आय ₹8,000 से भी कम है, जबकि लगभग आधे किसानों पर औसतन ₹51,107 का कर्ज़ है।
आलोचकों का कहना है कि यही भाजपा सरकार का तथाकथित “डबल-इंजन” मॉडल है, जिसमें किसानों की आय नहीं बढ़ी, बल्कि कर्ज़ दोगुना हो गया।

















