छोटे व मध्यम उद्योगों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा केंद्रीय बजट 2026: अनुपम गुप्ता


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। लघु उद्योग भारती के संभाग महामंत्री अनुपम गुप्ता ने केंद्रीय बजट 2026 का स्वागत करते हुए इसे एमएसएमई क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी, दूरदर्शी और संरचनात्मक रूप से सशक्त करने वाला बजट बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में किए गए प्रावधान छोटे एवं मध्यम उद्योगों के लिए वास्तविक अर्थों में गेम-चेंजर साबित होंगे।
आज जारी एक बयान में अनुपम गुप्ता ने कहा कि ₹10,000 करोड़ के विशेष एमएसएमई ग्रोथ फंड की स्थापना, क्रेडिट गारंटी योजना का विस्तार तथा भुगतान में देरी की समस्या को समाप्त करने के लिए ट्रेड्स (TReDS) प्लेटफॉर्म को अनिवार्य किया जाना एमएसएमई सेक्टर के लिए बेहद महत्वपूर्ण कदम हैं। इन फैसलों से उद्योगों को समय पर वित्तीय संसाधन मिलेंगे और कार्यशील पूंजी, कैश-फ्लो दबाव व बकाया भुगतान जैसी पुरानी समस्याओं का समाधान होगा।
उन्होंने कहा कि इंजीनियरिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मिलने वाली वित्तीय मजबूती और तकनीकी सहयोग से उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा को नई गति मिलेगी। यह बजट रोजगार सृजन, निर्यात वृद्धि और औद्योगिक आत्मनिर्भरता को एक साथ आगे बढ़ाने वाला है, जिससे ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को मजबूती मिलेगी।
अनुपम गुप्ता ने कहा कि यह बजट सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। उद्योगों के लिए घोषित योजनाओं से पूरे देश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और सरकार को राजस्व की प्राप्ति होगी, जिससे विकास कार्यों को गति मिलेगी।
उन्होंने बजट की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख करते हुए बताया कि औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित किया जाएगा, 200 औद्योगिक कॉरिडोर दोबारा शुरू किए जाएंगे, एमएसएमई में सरकारी खरीद को बढ़ावा दिया जाएगा और बजट में ग्रेथ आधारित अर्थव्यवस्था पर विशेष जोर दिया गया है। इसके साथ ही एमएसएमई ग्रोथ फंड के लिए ₹10,000 करोड़ का प्रावधान और ₹2,000 करोड़ के टॉप-अप का प्रस्ताव किया गया है।
इसके अलावा आम जनता को राहत देते हुए शुगर, कैंसर सहित 7 घातक बीमारियों की दवाइयों को सस्ता करने की घोषणा को भी उन्होंने स्वागत योग्य बताया।

















