सहारनपुर

“वो वफादार तो होने से रहा” रहनुमा ट्रस्ट की ओर से ‘जश्न-ए-जम्हूरियत’ राष्ट्रीय कवि सम्मेलन और मुशायरे का भव्य आयोजन

शहरी चौपाल ब्यूरो 
सहारनपुर। गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में शनिवार की रात जनमंच सभागार में रहनुमा ट्रस्ट सहारनपुर की ओर से ‘जश्न-ए-जम्हूरियत’ नामक राष्ट्रीय कवि सम्मेलन और मुशायरे का आयोजन किया गया जिसमें देशभर के कवियों और शायरों ने अपने कलाम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
मुशायरे का शुभारंभ पूर्व सांसद हाजी फजलुर्रहमान, हाफिज उस्मान, रहनुमा ट्रस्ट के चेयरमैन सूफी साबिर अली उस्मानी, फैसल शहीद उस्मानी, फराज फानी, शायर बिलाल सहारनपुरी, डॉ. वीरेन्द्र आज़म, लताफत उस्मानी और राखी चौधरी द्वारा शमा रोशन के साथ किया गया। हिन्दुस्तान के मशहूर शायर अकील नोमानी की अध्यक्षता और चंडीगढ़ के युवा शायर हमजा बिलाल के संचालन में कवि सम्मेलन संपन्न हुआ।
सहारनपुर के मरहूम शायर साहिल फरीदी और ताहिर फराज को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और सभी कवियों और शायरों का माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम रात करीब डेढ़ बजे अपनी ऊंचाइयों पर पहुंचा जब मशहूर शायरा शबीना अदीब ने अपना कलाम प्रस्तुत किया और श्रोताओं से भरपूर दाद पाई। उनके शेर में उन्होंने कहा, “मुझे समझा नहीं कोई मैं वो खुद्दार प्यासी हूं समंदर की जिसे गहराईयां आवाज देती हैं।” बिलाल सहारनपुरी ने भी श्रोताओं का मन मोह लिया और उनके कलाम “छोटे लोगों से उलझते नहीं वह लोग कभी जिनकी आंखों में बड़े ख्वाब हुआ करते हैं” को जोरदार दाद मिली। अकील नोमानी ने जमकर वाहवाही बटोरी और कहा “ये चमत्कार तो होने से रहा वो वफादार तो होने से रहा।” महेंद्र कुमार सानी और फराज फानी ने भी श्रोताओं का दिल जीत लिया। डॉ. वीरेन्द्र आज़म ने देश और समाज पर व्यंग्यपूर्ण कलाम प्रस्तुत किया और कहा “चाकू, तमंचे और तलवारे, शहर-शहर सब राहों पर बाबा, गांधी और भगतसिंह बेबस हैं चौराहों पर।”
रहनुमा ट्रस्ट ने हाफिज उस्मान, हाजी फजलुर्रहमान, प्रो. सतीश चंद्र, सैयद सलमान, साबिर अली खां, सैयद तारिक अब्दुल्ला, सैयद राशिद, अनवर खां वारसी, रविंद्र कुमार सोनू, बंटी सिंह, हाजी मुहम्मद औसफ गुड्डू, हाजी अबूबकर शिबली, फहाद सलीम, फैज़ानुर रहमान, उर्वशी अग्रवाल, प्रवीन गौतम और आबिद नज़र सहित अन्य गणमान्य लोगों को शाल ओढ़ाकर और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में हमजा मसूद चौधरी, मुजफ्फर हुसैन, सुरेंद्र चौहान, हाजी तस्लीम, अनवर सिद्दीकी एडवोकेट सहित बड़ी संख्या में श्रोतागण उपस्थित रहे। कार्यक्रम संयोजक मोहम्मद ताहा ने सभी मेहमानों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया।

WebAdmin

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!