मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया के प्रबंधन पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित प्रशिक्षण कार्यशाला में मलेरिया, डेंगू एवं चिकनगुनिया की जांच, उपचार एवं प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। जीपीओ रोड स्थित एक होटल के सभागार में आयोजित कार्यशाला का शुभारंभ अपर निदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सहारनपुर मंडल डॉ. रामानंद एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने दीप प्रज्वलन करके किया। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए सीएमओ डॉ. प्रवीण कुमार ने जनपद की भौगोलिक स्थिति चार राज्यों से घिरी होने के कारण आवागमन निरंतर बना रहता है। इसे ध्यान में रखते हुए मलेरिया उन्मूलन के लक्ष्यों को प्राप्त करने हेतु विशेष रणनीति तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि सरकारी चिकित्सकों के साथ-साथ निजी चिकित्सकों का सहयोग भी मलेरिया उन्मूलन में अत्यंत आवश्यक है। डॉ. कुमार ने कहा कि सभी बुखार के रोगियों की मलेरिया जांच अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि डेंगू रोगियों की मृत्यु का कारण केवल प्लेटलेट की कमी नहीं होती, बल्कि समुचित देखभाल और समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक है। मास्टर ट्रेनर कार्यशाला के अंतर्गत एसोसिएट प्रोफेसर एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुपमा शर्मा द्वारा नवीन औषधि चिकित्सा एवं केस मैनेजमेंट प्रोटोकॉल पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। जिला मलेरिया अधिकारी श्रीमती शिवाका गौड़ ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया तथा मलेरिया उन्मूलन एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों के नियंत्रण में पूर्ण सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि बुखार के सभी मामलों की शीघ्र जांच आवश्यक है और पॉजिटिव पाए जाने पर रोगी की आयु एवं परजीवी के प्रकार के अनुसार तत्काल रैडिकल उपचार दिया जाना चाहिए। अपर निदेशक डॉ. रामानंद ने निजी चिकित्सकों को भारत सरकार द्वारा जारी नवीन दिशानिर्देशों पर प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला में प्रतिभागियों को मलेरिया के लक्षणों तेज बुखार, ठंड लगना, कमजोरी, शरीर दर्द, उल्टी, दस्त तथा पेशाब में खूनकृके बारे में भी जानकारी दी गई। कार्यशाला में जनपद के सरकारी व निजी क्षेत्र के चिकित्सक, विशेषज्ञ, फिजिशियन, मेडिकल ऑफिसर तथा निजी नर्सिंग होम व अस्पतालों के संचालकों ने प्रतिभाग किया। कार्यशाला में आईएमए अध्यक्ष डॉ. प्रवीण शर्मा, सचिव डॉ. नीरज, सिटी हेल्थ ऑफिसर डॉ. प्रवीण शाह, डॉ. रविकांत निरंकारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कपिल देव, डॉ. सूर्य प्रकाश तथा उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजेन्द्र मलिक उपस्थित रहे।

















