विराट हिन्दू सम्मेलन में गूंजा एकता का संदेश, बोले वक्ता—“एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे”


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। हिन्दू सम्मेलन आयोजन समिति अंबेडकर बस्ती, बेहट रोड द्वारा बी.डी. बाजोरिया इंटर कॉलेज के क्रीड़ा स्थल में शुक्रवार को भव्य विराट हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में हजारों की संख्या में मातृशक्ति एवं जनमानस ने सहभागिता कर इसे ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज, कार्यक्रम अध्यक्ष स्वामी दीपांकर जी महाराज (प्रणेता—भिक्षा यात्रा) एवं मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य रूपेश जी रहे।
मुख्य वक्ता रूपेश जी ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि “हिन्दू जगेगा तो विश्व जगेगा।” उन्होंने स्पष्ट किया कि “एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे” का संदेश किसी के विरोध में नहीं, बल्कि राष्ट्र की उन्नति और सामाजिक समरसता के लिए है। उन्होंने इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि हिन्दू समाज की बिखरी हुई स्थिति का लाभ विदेशी आक्रांताओं ने उठाया। उन्होंने संघ के पंच परिवर्तन—नागरिक कर्तव्य बोध, स्व की भावना, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समरसता—पर भी विस्तार से प्रकाश डाला।
गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज ने कहा कि अयोध्या में बना राम मंदिर केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि हिन्दू स्वाभिमान और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 500 वर्षों के संघर्ष के बाद राम मंदिर का निर्माण हिन्दू समाज की एकता का परिणाम है और आज करोड़ों श्रद्धालु रामलला के दर्शन कर चुके हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे स्वामी दीपांकर जी महाराज ने हिन्दू समाज से जाति-पाति के भेद मिटाकर एक होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि हिन्दू समाज आज भी जातियों में बंटा रहा तो भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल सोशल मीडिया तक सीमित न रहकर समाज के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं।
परम पूजनीय 108 आचार्य नयन सागर जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में “अहिंसा परमो धर्मः” का संदेश देते हुए कहा कि धर्म की रक्षा के लिए संगठित समाज अत्यंत आवश्यक है।
सम्मेलन में गद्दीनशीन बापू ज्वाला मंदिर मां मिथिलेश जी, आयोजन समिति अध्यक्ष राजीव जी, संरक्षक शैलेंद्र भूषण जी, शशि वालिया जी, आदित्य त्यागी जी सहित अनेक संत, सामाजिक कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक मंचासीन रहे। कार्यक्रम का संचालन निधि राणा एवं दीपक अग्निहोत्री ने किया।
सम्मेलन का समापन वंदे मातरम के उद्घोष के साथ हुआ, जिसमें उपस्थित जनसमूह ने हिन्दू एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्र निर्माण का संकल्प लिया।

















