40 लाख की लागत से हो रहे तालाब सौंदर्यीकरण में अतिक्रमण बना बाधा, ग्रामीणों ने एसडीएम से की शिकायत


शहरी चौपाल ब्यूरो
नकुड़। तहसील क्षेत्र के ग्राम सिरसका में 40 लाख रुपये की लागत से चल रहे तालाब के सौंदर्यीकरण एवं खुदाई कार्य में अवैध कब्जा बड़ी बाधा बन गया है। तालाब की भूमि से एक व्यक्ति द्वारा कब्जा न हटाए जाने से नाराज ग्रामीणों ने मंगलवार को उपजिलाधिकारी से मुलाकात कर अतिक्रमण हटवाने और जनहित में साइड पटरी बनाए जाने की मांग की।
गांव सिरसका निवासी भोपाल, मांगेराम, जगपाल, तरसपाल, आशीष, जौनी, मिंटू, सुभाष, विकास, राहुल, अंकित सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि गांव स्थित खसरा संख्या 125 राजस्व अभिलेखों में तालाब के नाम 26 बीघा भूमि दर्ज है। वर्तमान में लघु सिंचाई विभाग द्वारा वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्द्धन योजना के अंतर्गत तालाब का पुनरोद्धार किया जा रहा है, जिसके तहत खुदाई का कार्य चल रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के कुछ लोगों ने तालाब की भूमि के एक हिस्से पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। लघु सिंचाई विभाग की शिकायत पर तहसीलदार की मौजूदगी में राजस्व विभाग की टीम द्वारा दो बार पैमाइश कर तालाब की भूमि की निशानदेही की जा चुकी है। राजस्व निरीक्षक एवं हल्का लेखपाल द्वारा तैयार रिपोर्ट में पांच ग्रामीणों द्वारा तालाब की भूमि पर कब्जा किए जाने की पुष्टि भी की गई है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कब्जाधारी दबंग प्रवृत्ति के हैं और राजनीतिक प्रभाव के चलते अब तक तालाब की भूमि से अतिक्रमण नहीं हटाया गया है। कई बार शिकायतों के बावजूद प्रशासन द्वारा ढुलमुल रवैया अपनाए जाने से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। प्रधानपति जसमेर सिंह ने बताया कि प्रशासन के निर्देशों के बाद भी कार्यदायी विभाग तालाब की भूमि को अतिक्रमण मुक्त नहीं करा पा रहा है।
इस संबंध में तहसीलदार प्रियंक सिंह ने बताया कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार तालाब की भूमि को चिन्हित कर लिया गया है और लघु सिंचाई विभाग को अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं लघु सिंचाई विभाग के जेई विकास कुमार ने कहा कि तालाब की भूमि पर किए गए अतिक्रमण को शीघ्र ही पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में हटवाया जाएगा।
उधर उपजिलाधिकारी सुरेंद्र कुमार ने लघु सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को राजस्व टीम द्वारा की गई निशानदेही के अनुसार तालाब की खुदाई कार्य कराने तथा कार्य में बाधा उत्पन्न करने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों को उम्मीद है कि शीघ्र ही तालाब की भूमि अतिक्रमण मुक्त होकर विकास कार्य पूरे होंगे।














