50 वर्ष पुरानी तिब्बत मार्केट पर टली बुलडोजर कार्रवाई, ईद तक का समय मिलने पर उठे सवाल


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर । करीब 50 वर्ष पूर्व बनी तिब्बत मार्केट पर प्रस्तावित नगर निगम की बुलडोजर कार्रवाई फिलहाल टल गई है। बताया जा रहा है कि पार्षद मंसूर बदर, जो वर्तमान में देहरादून में उपचार करा रहे हैं, से सहारनपुर के कई पार्षदों ने मुलाकात कर तिब्बत मार्केट पर होने वाली कार्रवाई को लेकर गुहार लगाई।
सूत्रों के अनुसार पार्षद मंसूर बदर ने मार्केट के दुकानदारों से बातचीत की और महापौर डॉ. अजय सिंह तथा नगर आयुक्त शिपू गिरि से फोन पर वार्ता कर ईद तक का समय देने का अनुरोध किया। यह सहमति इस शर्त पर बनी कि दुकानदार स्टांप पेपर पर लिखित रूप में यह देंगे कि वे तय तिथि तक स्वयं अपना अतिक्रमण हटाकर मार्केट खाली कर देंगे। इन शर्तों के आधार पर आज प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई स्थगित कर दी गई।
यह पूरी बातचीत देर रात्रि फोन पर हुई, जिसकी जानकारी अधिकांश व्यापारियों को नहीं हो सकी। इसी कारण रात में कुछ दुकानदार अपना सामान समेटकर घर ले जाते हुए भी देखे गए। सुबह तय समय पर प्रशासनिक दस्ता मार्केट खाली कराने पहुंचा, लेकिन कार्रवाई टलने के चलते टीम को बिना कार्रवाई लौटना पड़ा।
अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा है कि जिन पार्षदों द्वारा स्टांप पेपर के माध्यम से ईद तक का समय दिलाया गया है, क्या वे स्वयं मौके पर खड़े होकर मार्केट को अतिक्रमण मुक्त कराएंगे या फिर यह मामला भी पहले की तरह समय लेते-लेते आगे बढ़ता रहेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि तिब्बत मार्केट का यह प्रकरण लगभग दो वर्षों से लंबित है और हर बार सिर्फ समय ही लिया जा रहा है।
नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऐसा ही मामला पूर्व में रायवाला कपड़ा मार्केट का भी सामने आया था, जहां नालों पर किए गए अतिक्रमण को हटाने के लिए लाल निशान लगाए गए थे, लेकिन समय बीतने के बावजूद न तो अतिक्रमण हट सका और न ही नालों की सफाई का कार्य हो पाया।
नगरवासियों का कहना है कि नगर निगम को ऐसे मामलों में ठोस और निर्णायक कदम उठाने चाहिए, ताकि अतिक्रमण से आम जनता को हो रही परेशानी दूर हो सके और शहर की यातायात व नागरिक सुविधाएं सुचारु रूप से संचालित हो सकें।








