मायावती का 70वां जन्मदिवस जनकल्याण दिवस के रूप में मनाया गया
कार्यक्रम में अव्यवस्थाएं, शक्ति प्रदर्शन हावी, 2027 में सरकार बनाने का संकल्प


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो एवं चार बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री रही बहन कुमारी मायावती का 70वां जन्मदिन जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। अधिकतर वक्ता पार्टी के मिशन से भटकते नजर आए तथा शेरों शायरी पर ज्यादा ध्यान केंद्रित रहा। आज मलहीपुर रोड स्थित एक बैंकट हॉल में आयोजित कार्यक्रम में नोएडा से आए मुख्य अतिथि विजय सिंह (मुख्य मंडल कोऑर्डिनेटर) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन तीनों जिलों के जिला अध्यक्षों एवं सरफराज राइन द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जबकि अध्यक्षता जिला अध्यक्ष रजनीश बंधु ने की। कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी, जिसे देखकर पदाधिकारियों में उत्साह नजर आया। वक्ताओं ने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत के साथ बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि बहन मायावती के चारों कार्यकाल में सर्व समाज का समान रूप से विकास हुआ तथा हर वर्ग को सुरक्षा, स्वास्थ्य और सम्मान मिला। वक्ताओं ने देश और प्रदेश की वर्तमान स्थिति को चिंताजनक बताते हुए लोकतांत्रिक तरीके से परिवर्तन लाने की अपील की। हालांकि जनकल्याणकारी दिवस का उद्देश्य कार्यक्रम में पूरी तरह साकार होता नजर नहीं आया। मंच से अधिकांश वक्ताओं ने पार्टी की नीतियों, संगठन की मजबूती और जनकल्याण के मुद्दों पर ठोस चर्चा करने के बजाय व्यक्तिगत बातें और शेरो-शायरी तक ही अपनी बात सीमित रखी। इस दौरान 2026 में होने वाले जिला पंचायत सदस्य चुनाव को लेकर टिकट के दावेदार अपने-अपने समर्थकों के साथ आयोजन स्थल पर पहुंचे, जिससे अव्यवस्थाओं का माहौल बन गया। दावेदारों के शक्ति प्रदर्शन के चलते बैंकट हॉल के आसपास लंबी कतारों में वाहन खड़े हो गए, जिससे सड़कों पर जाम लग गया और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। चर्चा है कि शक्ति प्रदर्शन के दौरान बाइक जुलूस में पटाखे भी फोड़े गए। इस कारण कार्यक्रम में पार्टी के जमीनी कार्यकर्ता अपेक्षाकृत कम नजर आए और आयोजन पर दावेदारों का वर्चस्व दिखाई दिया। कार्यक्रम के समापन के बाद मिष्ठान वितरण को लेकर भी आपाधापी मच गई और व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गईं। अव्यवस्थाओं से आहत कई कार्यकर्ता निराश होकर लौट गए। कुल मिलाकर, बहन मायावती के जन्मदिवस पर आयोजित जनकल्याणकारी दिवस औपचारिकता तक सिमटता नजर आया, जबकि संगठनात्मक संदेश और जनकल्याण का उद्देश्य पीछे छूट गया। कार्यक्रम में मंडल कोऑर्डिनेटर नरेश गौतम, अनिल कुमार पप्पू, पार्षद जनेश्वर प्रसाद, वरिष्ठ नेता एस. आलम, लोधी कुमार, मलका अख्तर, एडवोकेट इंतखाब आजाद, मंडल कोऑर्डिनेटर प्रताप सिंह सहित तीनों जिलों के जिला अध्यक्ष, विधानसभा अध्यक्ष, प्रभारी, कार्यालय अध्यक्ष नरेश कुमार, रतीराम गौतम, नफे सिंह, श्रीमती संगीता गौतम, प्रमुख मेहरबान आलम, श्रीमती बटला, वसीम अहमद, नजम कुरैशी सहित अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।







