दलित महिला हत्या मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस नेता को पुलिस ने रोका
भाजपा सरकार पर असंवेदनशीलता और हिटलरशाही का आरोप


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। मेरठ जनपद के कपसाड़ गांव में हुई दलित महिला की हत्या के मामले में पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के नेताओं को पुलिस ने रोक दिया। कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम एवं उत्तर प्रदेश अध्यक्ष तनुज पुनिया का आज मेरठ पहुंचकर पीड़ित परिवार से मिलने का कार्यक्रम तय था। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के महासचिव एवं मेरठ मंडल प्रभारी अरविंद पालीवाल को भी मेरठ जाना था, लेकिन शासन के आदेश पर पुलिस ने उन्हें जनता रोड स्थित उनके निवास पर ही देर रात से नजरबंद कर लिया और मेरठ नहीं जाने दिया। इस कार्रवाई को अरविंद पालीवाल ने भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता बताते हुए इसे हिटलरशाही नीति करार दिया। घटना की जानकारी मिलने पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप सिंह राणा भी अरविंद पालीवाल के निवास पर पहुंचे और पुलिस प्रशासन को समझाने का प्रयास किया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने इसे वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश का पालन बताया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप सिंह राणा ने इस कार्रवाई को प्रदेश सरकार की दलित एवं महिला विरोधी नीति बताया। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस नेता पीड़ित परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं भी व्यक्त नहीं कर सकते और इसके लिए उन्हें रोका जाता है, तो यह भाजपा सरकार की असंवेदनशीलता का सबसे बड़ा प्रमाण है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में डूबी भाजपा सरकार गरीबों, दलितों और पीड़ितों की आवाज दबा रही है। वहीं अरविंद पालीवाल ने इस घटना को बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान की विफलता से जोड़ते हुए कहा कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए विपक्ष और पीड़ितों की आवाज को दबाना चाहती है।







