सैनी, इत्सा हसन, भानुप्रताप सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
श्री राधा कृष्ण मंदिर में धर्माचार्यों की बैठक, समाज की एकता पर हुआ चिंतन


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। श्री राधा कृष्ण मंदिर के पावन प्रांगण में शुक्रवार को समस्त नगर के धर्माचार्य एवं विप्रजनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज की एकता, अखंडता तथा हिंदू समाज के समक्ष वर्तमान चुनौतियों पर गहन विचार-विमर्श किया गया। पुरानी मंडी स्थित मंदिर में आयोजित बैठक में हिंदू समाज की वर्तमान चुनौतियां पर गहन मंथन किया गया। इस दौरान न केवल भारत बल्कि आसपास के देशों में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर भी चर्चा की गई और समाज को एकजुट रहने का संदेश दिया गया। सभा में कहा गया कि ब्राह्मण समाज पर आरोप लगाना आसान है, जबकि वास्तविकता यह है कि किसी भी मंदिर में प्रवेश से पूर्व किसी व्यक्ति की जाति नहीं पूछी जाती। सभी को समान रूप से पूजा, दर्शन एवं प्रसाद का अधिकार प्राप्त है। सहारनपुर नगर में भी ऐसा कोई मंदिर नहीं है जहां जाति देखकर प्रवेश दिया जाता हो। ब्राह्मण समाज ने सदैव हिंदुत्व को अखंड रखने का प्रयास किया है और भविष्य में भी करता रहेगा। हिंदू सम्मेलन के हवन व संगठन पर दिया गया बल बैठक में यह भी कहा गया कि कुछ कालखंडों में सनातन धर्म को विघटित करने के उद्देश्य से भ्रामक संदेश प्रचारित किए गए, लेकिन ब्राह्मण समाज प्रशंसा मिले या न मिले, अपने कर्तव्य का निर्वहन करता आया है और करता रहेगा। समाज को एक स्वर में जोड़ने के उद्देश्य से ब्रह्म मुहूर्त के सानिध्य में हिंदू सम्मेलन के हवन का भी संदेश दिया गया। नगर के विभाग प्रचारक आशुतोष ने भी सभी को संगठित रहने का आह्वान किया और समाज में व्याप्त चिंताओं को रखते हुए कहा कि निरंतर चिंतन-मंथन के माध्यम से समाज को एक दिशा देने का प्रयास किया जाना है। बैठक की अध्यक्षता आचार्य पंडित प्रदीप कौशिक ने की तथा संचालन पंडित दीपक अग्निहोत्री ने किया। इस अवसर पर नगर के मूर्धन्य विद्वानों में पंडित जयप्रकाश यागयिक, आचार्य रजनीश शर्मा, पंडित योगेश दीक्षित, आचार्य मुरारी झा, पंडित अरुण कोडिन्य, महामंडलेश्वर अनिल कोदंड जी, पंडित शैलेंद्र तिवारी, पंडित संजीव शास्त्री, महंत नीलकंठ शर्मा, महर्षि मुकेश शर्मा, पंडित सुमित भारद्वाज, अमित जीवनकांत, सुमित कौशिक, अनुराग कौशिक सहित अनेक विप्रजन उपस्थित रहे।







