सर्दी में हाई ब्लड प्रेशर बना जानलेवा खतरा, सुबह 4 से 10 बजे तक सबसे अधिक जोखिम
डॉ. संजीव मिगलानी ने बताए लक्षण, दुष्प्रभाव और बचाव के उपाय


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) आज पूरे विश्व में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। हृदय रोग विशेषज्ञ एवं फिजिशियन डॉ. संजीव मिगलानी ने बताया कि विश्व में एक अरब से अधिक लोग हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं, जबकि भारत में इसके मरीजों की संख्या 11 करोड़ 20 लाख से अधिक है। अनुमान है कि वर्ष 2025 तक यह संख्या दोगुनी होकर लगभग 21 करोड़ 40 लाख तक पहुंच सकती है। देश में हर पांच में से एक व्यक्ति उच्च रक्तचाप से ग्रस्त है, जो अत्यंत चिंताजनक है।
डॉ. मिगलानी ने बताया कि सर्दियों के मौसम में विशेष रूप से सुबह 4 बजे से 10 बजे के बीच शरीर में केटीकोलामीन हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है, जिससे हार्ट अटैक, हाई ब्लड प्रेशर और ब्रेन हेमरेज का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इसी कारण सर्दियों में ब्लड प्रेशर की दवाइयां बंद करना घातक साबित हो सकता है।
उन्होंने बताया कि लगभग 50 प्रतिशत मरीजों में हाई ब्लड प्रेशर के कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते और यह केवल रूटीन जांच में ही पकड़ में आता है। जबकि कुछ मरीजों में सिरदर्द, चक्कर आना, दिल की घबराहट, उल्टी आना, छाती में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देते हैं।
उच्च रक्तचाप के दुष्प्रभाव
हाई ब्लड प्रेशर का सीधा असर हृदय, दिमाग, गुर्दे, आंख, टांगों और नाक पर पड़ता है। इससे हार्ट अटैक, हार्ट फेल, दिमाग की नस फटने से लकवा, गुर्दे फेल होना, आंखों की रोशनी प्रभावित होना और नाक से खून बहने जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
हाई बीपी की मुख्य जांचें
डॉ. मिगलानी ने बताया कि हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को पेशाब की जांच, माइक्रोएल्ब्यूमिन, रक्त में शुगर, क्रिएटिनिन, वसा की जांच, ईसीजी, ईकोकार्डियोग्राफी तथा आंखों के पर्दे की जांच समय-समय पर करानी चाहिए।
किसे अधिक खतरा
धूम्रपान करने वालों, अधिक नमक और शराब लेने वालों, डायबिटीज के मरीजों, मोटापे से ग्रस्त लोगों, तनावग्रस्त (टाइप-ए पर्सनैलिटी) व्यक्तियों, व्यायाम न करने वालों तथा जिनके परिवार में हाई बीपी का इतिहास है, उनमें इसका खतरा अधिक होता है।
बचाव और उपचार
डॉ. मिगलानी ने बताया कि नमक का सेवन 6 ग्राम से कम रखें, तले-भुने व अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थों से बचें, धूम्रपान और तंबाकू का सेवन न करें तथा शराब का सेवन सीमित रखें। नियमित योग, ध्यान और 30 मिनट की मॉर्निंग वॉक से ब्लड प्रेशर को 10 से 20 मि.मी. तक कम किया जा सकता है। वजन घटाने से भी बीपी पर सकारात्मक असर पड़ता है।
उन्होंने चेतावनी दी कि बिना इलाज के हाई ब्लड प्रेशर रहने पर ब्रेन हेमरेज का खतरा 40 प्रतिशत और हार्ट अटैक का खतरा 15 प्रतिशत तक बढ़ जाता है। इसलिए दवाइयां डॉक्टर की सलाह के बिना न घटाएं और न ही बंद करें।
डॉ. संजीव मिगलानी ने आमजन से अपील की कि सर्दियों में नियमित ब्लड प्रेशर की जांच कराएं और किसी भी लापरवाही से बचें, क्योंकि समय पर नियंत्रण ही गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।







