विश्व हिंदू परिषद व बजरंग दल ने मनाया धर्म रक्षा दिवस


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल भूतेश्वर प्रखंड द्वारा बृज विहार कॉलोनी स्थित कुटिया वाला मंदिर में धर्म रक्षा दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद, प्रांत विशेष संपर्क विभाग समिति सदस्य रमेश चंद शर्मा ने कहा कि सिख धर्म के दसवें गुरु, खालसा पंथ के संस्थापक गुरु गोविंद सिंह जी के साहिबजादे कृ साहिबजादा जोरावर सिंह (9 वर्ष) एवं साहिबजादा फतेह सिंह (6 वर्ष) को मुगल शासक औरंगजेब के आदेश पर सरहिंद (वर्तमान फतेहगढ़ साहिब) के नवाब वजीर खघन ने 26 दिसंबर 1705 को अपना धर्म न बदलने के कारण दीवार में जिंदा चिनवा दिया था। उन्होंने बताया कि साहिबजादों को इस्लाम धर्म अपनाने पर जीवन और राज का लालच दिया गया, परंतु उन्होंने धर्म परिवर्तन स्वीकार करने के बजाय शहादत को चुना। इतनी अल्प आयु में दिया गया उनका बलिदान धर्म, आस्था, सत्य, साहस और राष्ट्रप्रेम का अमिट उदाहरण है। साहिबजादों की शहादत का समाचार सुनकर माता गुजरी देवी ने भी अपने प्राण त्याग दिए। गुरु गोविंद सिंह जी के दोनों बड़े पुत्र कृ बाबा अजीत सिंह एवं बाबा जुझार सिंह पहले ही चमकौर के युद्ध में शहीद हो चुके थे। श्री शर्मा ने बताया कि वीर बालकों के इस अद्वितीय बलिदान की स्मृति में भारत सरकार द्वारा वर्ष 2022 से 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाए जाने की घोषणा की गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि स्वामी श्रद्धानंद बलिदान दिवस भी 23 दिसंबर को मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन वर्ष 1926 में एक इस्लामी कट्टरपंथी द्वारा उनकी हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि जो समाज अपना इतिहास, धर्म, संस्कृति और परंपराओं को भूल जाता है, वह एक दिन समाप्त हो जाता है। इसलिए हमें अपने महापुरुषों के बलिदान का निरंतर स्मरण करना चाहिए, उनसे प्रेरणा लेकर उनके आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए तथा राष्ट्र, समाज और धर्म के प्रति समर्पण भाव बनाए रखना चाहिए।







