मालवीय व अटल जयंती पर हुआ विचार गोष्ठी का आयोजन, किया काव्य पाठ


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक सुरेंद्र कपिल ने कहा कि पंडित मदन मोहन मालवीय एक महान शिक्षाविद् थे, जिन्होंने शिक्षा के उत्थान के लिए ऐतिहासिक कार्य किए। उनके द्वारा स्थापित काशी हिंदू विश्वविद्यालय आज भी उनकी दूरदर्शिता और योगदान की पहचान है। पूर्व विधायक सुरेंद्र कपिल मिशन कंपाउंड स्थित ब्रज ब्राह्मण इंटर कॉलेज में अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के तत्वावधान में पंडित मदन मोहन मालवीय एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मालवीय जी के जीवन, आदर्शों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए युवाओं से उनके सिद्धांतों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती, पंडित मदन मोहन मालवीय एवं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर आयोजित काव्य गोष्ठी में डॉ. विजेंद्र पाल शर्मा, शिवकुमार गोड, गोकर्ण दत्त शर्मा, नरेंद्र मस्ताना एवं हरिराम पथिक सहित आमंत्रित कवियों ने काव्य पाठ किया। कार्यक्रम के दौरान सभी कविगणों के साथ अजय भारद्वाज व बृजेश शर्मा को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्रधानाचार्य के.के. शर्मा ने की। नरेंद्र पाल शर्मा ने अटल बिहारी वाजपेई के जीवन एवं व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। अखिल भारतवर्षीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा ने भी मालवीय जयंती पर अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर अरविंद शर्मा, डॉ. काशीराम शर्मा, सुरेश दत्त शर्मा, प्रबंधक हरि प्रकाश शर्मा, राकेश शर्मा, संजय शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, डॉ. प्रेम कुमार शर्मा, डॉ. शिव कुमार शर्मा, प्रद्युमन शर्मा, चंद्रशेखर शर्मा, हरिओम मिश्रा, ललटेश उपाध्याय, रविंद्र शर्मा गुरुजी, के.के. गर्ग, ब्रह्मपाल उपाध्याय, मुकेश शर्मा, राकेश शर्मा (पत्रकार), सुरेश शर्मा, अनिल शर्मा, विकास शर्मा, तपेश ममगई, दिनेश शर्मा, राजेश पंडित, प्रधानाचार्य गौरव मिश्रा, मयंक शर्मा, विकास कपिल, श्याम सुंदर शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक बृजेश शर्मा एवं अजय भारद्वाज ने संयुक्त रूप से किया।






