पुलिस घेराबंदी के चलते खेड़ा अफगान नहीं पहुंच सकीं कोमल गुर्जर, गांव में दिनभर तैनात रहा भारी पुलिस बल


शहरी चौपाल ब्यूरो
नकुड़ (सहारनपुर)। खेड़ा अफगान गांव में हकीम की दुकान और उससे सटी मस्जिद में हनुमान चालीसा पाठ करने की घोषणा करने वाली कोमल गुर्जर और उनके समर्थक पुलिस की कड़ी घेराबंदी के चलते गांव में प्रवेश नहीं कर सके। शनिवार सुबह से ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा और गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस व पीएसी बल तैनात कर दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस प्रशासन ने सुबह होते ही खेड़ा अफगान में डेरा डाल लिया था। क्षेत्राधिकारी रुचि गुप्ता स्वयं मौके पर मौजूद रहीं, जबकि थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार सोनकर पल-पल की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थे। संभावित तनाव को देखते हुए कोमल गुर्जर और उनके समर्थक रोहित प्रधान को पुलिस ने सुबह ही उनके आवास पर हाउस अरेस्ट कर लिया।
गौरतलब है कि खेड़ा अफगान निवासी हकीम राशिद के खिलाफ कोमल गुर्जर और उनके समर्थकों ने मोर्चा खोल रखा है। उन पर गंभीर बीमारियों के इलाज के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप लगाते हुए पूर्व में हंगामा भी किया जा चुका है। दो दिन पूर्व जब कोमल गुर्जर खेड़ा अफगान पहुंची थीं, तो हकीम राशिद के समर्थन में सैकड़ों लोग एकत्र हो गए थे और विरोध के चलते कोमल गुर्जर को वापस लौटना पड़ा था।
इसके बाद कोमल गुर्जर ने हिंदू रक्षा दल के बैनर तले हकीम की दुकान और उससे सटी मस्जिद में हनुमान चालीसा पाठ करने की घोषणा की थी। इस सूचना को गंभीरता से लेते हुए अभिसूचना इकाई ने पूरे प्रकरण की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी, जिसके बाद पुलिस को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।
शनिवार को पुलिस ने गांव के चारों ओर के सभी रास्तों पर कड़ा पहरा लगा दिया। शाम चार बजे तक पुलिस प्रशासन के पूरी तरह अलर्ट रहने के चलते गांव में शांति बनी रही। सीओ रुचि गुप्ता और थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार सोनकर लगातार मौके पर रहकर हालात पर नजर बनाए रहे।
वहीं, इस मामले में हकीम राशिद का कहना है कि वह वर्षों से हकीमी का कार्य कर रहे हैं और उनके पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कोमल गुर्जर बिना वजह उन्हें निशाना बनाकर क्षेत्र का माहौल खराब करने का प्रयास कर रही हैं।
उधर, इस पूरे प्रकरण को लेकर सोशल मीडिया पर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जहां कुछ लोग कोमल गुर्जर का समर्थन कर रहे हैं, वहीं अधिकांश लोगों का कहना है कि वर्षों से लोग वैध हकीमों से इलाज कराते आ रहे हैं। उनका तर्क है कि इलाज से लाभ होना या न होना अलग विषय है, लेकिन एक ही हकीम को निशाना बनाकर क्षेत्र की शांति भंग करना उचित नहीं है। ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए।
इस संबंध में सीओ रुचि गुप्ता और थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार सोनकर ने स्पष्ट कहा कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है और किसी भी सूरत में कानून-व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।







