भारतीय सेना के शौर्य का इतिहास सबके लिए प्रेरणास्रोत : शीतल टंडन
जिला व्यापार मंडल ने 1971 भारत–पाक युद्ध के 53वें विजय दिवस पर शहीदों को किया नमन


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर, । ।1971 के भारत–पाक युद्ध की 53वीं वर्षगांठ (विजय दिवस) के अवसर पर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल जनपद सहारनपुर द्वारा शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। जिला व्यापार मंडल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं जिलाध्यक्ष शीतल टंडन के नेतृत्व में रेलवे रोड स्थित व्यापार मंडल के जिला मुख्यालय कार्यालय पर बैठक आयोजित की गई, जिसके उपरांत जिला सैनिक एवं पुनर्वास कार्यालय स्थित शहीद मीनार पर पुष्प अर्पित कर शहीदों को नमन किया गया।
इस अवसर पर शीतल टंडन ने कहा कि 1971 के भारत–पाक युद्ध में भारतीय सेना ने कठिनतम परिस्थितियों में जिस अद्भुत शौर्य, साहस और रणनीतिक कुशलता का परिचय दिया, वह पूरे विश्व के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने कहा कि कम समय में ऐतिहासिक विजय प्राप्त कर भारतीय सेना ने न केवल दुश्मन को परास्त किया, बल्कि देशवासियों का गर्व भी बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि 16 दिसंबर 1971 को बांग्लादेश अस्तित्व में आया था, जब ढाका में पाकिस्तानी सेना के कमांडर आमिर अब्दुल्ला खान नियाजी ने लेफ्टिनेंट जनरल जगजीत सिंह अरोड़ा के नेतृत्व में भारतीय सेना के समक्ष 93 हजार सैनिकों के साथ आत्मसमर्पण किया था। यह दिन भारतीय सैन्य इतिहास का स्वर्णिम अध्याय है।
शीतल टंडन ने गर्व के साथ बताया कि उन्हें 1971 के युद्ध के दौरान श्रेष्ठ नागरिक सेवाओं के लिए भारत सरकार द्वारा संग्राम मेडल से सम्मानित किया गया था। साथ ही व्यापार मंडल के मुख्य संरक्षक मेजर एस.के. सूरी भी बांग्लादेश युद्ध में एक जांबाज अधिकारी के रूप में शामिल रहे।
उन्होंने कहा कि 1971 के युद्ध में देश की थल, जल और वायु—तीनों सेनाओं ने सामूहिक रूप से अद्भुत प्रदर्शन किया और देश की एकता एवं अखंडता के लिए सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों की एकजुटता भी अपने आप में मिसाल रही। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आज भी भारतीय सेना के सामने आंख उठाने का साहस नहीं कर सकता।
इस अवसर पर जिला महामंत्री रमेश अरोड़ा, जिला कोषाध्यक्ष कर्नल संजय मिड्ढा, मेजर एस.के. सूरी, पवन गोयल, हरीश खुंगर, मुरली खन्ना, अशोक मलिक, संजीव सचदेवा सहित व्यापार मंडल के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।







