35 करोड़ की शराब कर चोरी में बड़ी कार्रवाई, 27 पर गैंगस्टर एक्ट


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। बदायूं और बरेली के शराब कारोबारियों के विरुद्ध सहारनपुर में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। सहारनपुर के जिलाधिकारी मनीष बंसल के अनुमोदन पर टपरी स्थित शराब फैक्टरी से जुड़े 27 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई 35 करोड़ रुपये से अधिक की एक्साइज, जीएसटी और अन्य कर चोरी के गंभीर मामले में की गई है।
देहात कोतवाली प्रभारी सूबे सिंह द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के अनुसार टपरी स्थित कोऑपरेटिव कंपनी लिमिटेड शराब फैक्टरी के एमडी प्रणय अनेजा, बरेली के शराब कारोबारी मनोज जायसवाल और नीरज जायसवाल सहित फैक्टरी प्रबंधन, आबकारी विभाग और परिवहन से जुड़े लोग संगठित गिरोह बनाकर अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। जांच में सामने आया कि फैक्टरी में निर्धारित क्षमता से अधिक देसी शराब का अवैध निर्माण कर पूरे प्रदेश में उसकी सप्लाई की गई, जिससे सरकार को भारी राजस्व हानि हुई।
जांच रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि गिरोह द्वारा अभिलेखों में फर्जीवाड़ा किया गया, जीपीएस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों जैसी तकनीकी निगरानी व्यवस्थाओं से छेड़छाड़ की गई और अवैध परिवहन के जरिए शराब की आपूर्ति की गई। आरोप है कि करीब 11 महीनों की अवधि में लगभग 35 करोड़ रुपये की एक्साइज चोरी की गई, साथ ही जीएसटी, इनकम टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग भी की गई।
गैंगस्टर एक्ट के तहत जिन लोगों को आरोपी बनाया गया है, उनमें फैक्टरी के एमडी प्रणय अनेजा शामिल हैं, जिनका पता रिकॉर्ड में दिल्ली का दर्ज है, जबकि वह मूल रूप से बदायूं के निवासी हैं। वह बदायूं सदर सीट से सपा विधायक रहे दिवंगत जोगेंद्र सिंह अनेजा के पौत्र हैं और शराब के अलावा सराफा व रियल एस्टेट कारोबार से भी जुड़े हैं। इसके अलावा बरेली के ग्रीन पार्क निवासी मनोज जायसवाल और नीरज जायसवाल, फैक्टरी प्रबंधन से जुड़े अश्विनी कुमार उपाध्याय, अजय जायसवाल, मनीष उर्फ मिंटू जायसवाल, बदायूं के प्रदीप गुप्ता और वीरेंद्र शंखधार सहित अन्य लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
प्रशासन का कहना है कि संगठित अपराध के तहत सरकार को राजस्व हानि पहुंचाने के पुख्ता साक्ष्य मिलने के बाद यह सख्त कार्रवाई की गई है। मामले की आगे भी गहन जांच जारी है और अन्य संलिप्त लोगों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।







