पंकज चौधरी ने दाखिल किया भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पद का नामांकन, सीएम योगी बने प्रस्तावक


शहरी चौपाल ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष के चयन की प्रक्रिया तेज हो गई है। केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने शनिवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उनके प्रस्तावक बने, जबकि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक समेत पार्टी के दस वरिष्ठ नेताओं ने उनके नाम का समर्थन किया।
नामांकन के समय भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे। इनमें मंत्री सूर्यप्रताप शाही, स्वतंत्रदेव सिंह, दारा सिंह चौहान, ए के शर्मा, कमलेश पासवान और राज्यमंत्री असीम अरुण शामिल रहे। पार्टी सूत्रों के अनुसार रविवार को लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल औपचारिक रूप से नए प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा करेंगे। इससे पहले दोपहर एक बजे पंकज चौधरी, पीयूष गोयल और विनोद तावड़े के साथ लखनऊ पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में पंकज चौधरी ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के लिए सभी भाजपा सांसदों को बुलाया गया है और अंतिम निर्णय पार्टी नेतृत्व द्वारा लिया जाएगा।
कौन हैं पंकज चौधरी
पंकज चौधरी कुर्मी समुदाय से आते हैं, जो उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा और प्रभावशाली वोट बैंक माना जाता है। उनका जन्म 15 नवंबर 1964 को गोरखपुर में हुआ। उन्होंने 1989 में गोरखपुर नगर निगम के पार्षद के रूप में राजनीति में कदम रखा और 1990 में भाजपा की जिला कार्यसमिति के सदस्य बने। वर्ष 1991 में वे महराजगंज लोकसभा सीट से पहली बार सांसद चुने गए। इसके बाद 1996 और 1998 में भी संसद पहुंचे। 1999 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन 2004 में उन्होंने फिर वापसी की। वर्ष 2009 में पराजय के बाद 2014 से वे लगातार लोकसभा सदस्य हैं।
कुर्मी समाज में मजबूत पकड़
कुर्मी बिरादरी में उनकी गहरी पकड़ मानी जाती है और अन्य समुदायों में भी उनका प्रभाव देखा जाता है। गोरखपुर से अलग होकर जब महराजगंज जिला बना, तब से जिला पंचायत पर भाजपा का वर्चस्व रहा है। उनके भाई प्रदीप चौधरी और माता उज्ज्वला चौधरी जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुके हैं। आरक्षण व्यवस्था में बदलाव के बावजूद उनके विश्वसनीय सहयोगियों का इस पद पर चुना जाना उनकी मजबूत राजनीतिक रणनीति और संगठनात्मक पकड़ को दर्शाता है।







