जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्र गड़बड़ी विवाद: महापौर की अचानक जांच के बाद निगम में तनाव, संगठनों का प्रदर्शन जारी


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। नगर निगम में जन्म–मृत्यु प्रमाणपत्रों से जुड़ी कथित अनियमितताओं की शिकायतों पर महापौर द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के बाद निगम परिसर में माहौल गर्म हो गया। निरीक्षण के दौरान रजिस्टरों में खामियां मिलने पर संबंधित बाबू सुरेंद्र कुमार से जवाब तलब किया गया, जिसके बाद मामला जातिगत आरोपों और विरोध–प्रदर्शनों तक पहुँच गया।
सूत्रों के अनुसार, कई महीनों से प्रमाणपत्र जारी करने में कथित रूप से पैसों की वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। महापौर ने इन्हीं शिकायतों के आधार पर दफ्तर पहुंचकर जांच की। रिकॉर्ड में अनियमितताएं सामने आने पर उन्होंने कर्मचारी को फटकार लगाई और दफ्तर से बाहर कर दिया।
इसके बाद कर्मचारी सुरेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि उनके साथ जातिगत अभद्रता की गई। इस आरोप को आधार बनाते हुए भीम आर्मी, आज़ाद समाज पार्टी तथा कुछ दलित संगठनों ने निगम में पहुंचकर विरोध प्रदर्शन और तालाबंदी की। इससे निगम का कामकाज पूरी तरह ठप रहा।
शहर के कई नागरिकों और कुछ निगम कर्मचारियों का मानना है कि महापौर सिर्फ भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच कर रहे थे। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि अचानक तालाबंदी और राजनीतिक रंग लेना “दुर्भाग्यपूर्ण” है और इससे ऐसा आभास होता है कि कुछ तत्व भ्रष्ट कर्मचारियों के समर्थन में माहौल बनाते हैं, ताकि कार्रवाई होने पर दबाव बनाकर उन्हें बचाया जा सके।
हालांकि, संगठनों ने आरोप लगाया है कि कर्मचारी के साथ अनुचित व्यवहार हुआ है और पूर्ण जांच तक आंदोलन जारी रहेगा।
प्रशासन ने स्थिति को गंभीरता से लेते हुए बताया कि पूरे प्रकरण की जांच होगी और न तो किसी कर्मचारी को अनुचित संरक्षण मिलेगा और न ही किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ बिना तथ्य आरोप मान लिए जाएंगे।
फिलहाल निगम में कामकाज बाधित है और वातावरण तनावपूर्ण बना हुआ है। जिला प्रशासन ने सभी पक्षों से शांति बनाये रखने और जांच पूरी होने तक संयम बरतने की अपील की है।







