शोभित विश्वविद्यालय गंगोह में ‘स्मार्ट ड्रोन विज़न’ पर पाँच दिवसीय बूट कैंप शुरू


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर , गंगोह। शोभित विश्वविद्यालय, गंगोह में “स्मार्ट ड्रोन विज़न: इनसाइट, इमेजिंग एंड इनोवेशन” विषय पर आधारित पाँच दिवसीय बूट कैंप का शुभारंभ मंगलवार को विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र द्वारा किया गया। यह बूट कैंप एनआईटी जालंधर द्वारा आयोजित किया जा रहा है तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) की “मानवरहित विमान प्रणालियों में मानव संसाधन क्षमता निर्माण” परियोजना अंतर्गत वित्त पोषित है।
उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए कुलाधिपति कुंवर शेखर विजेंद्र ने कहा कि यह समय स्वयं को रीबूट करने का है। उन्होंने प्रौद्योगिकी को विकसित भारत अभियान का आधार बताते हुए कहा कि देश को केवल असेंबलिंग नहीं, बल्कि अपने स्वयं के पार्ट्स और तकनीक के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने ‘ड्रोन दीदी’ जैसे सरकारी कार्यक्रमों को ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण बताया।
कुलपति प्रो.(डॉ.) रणजीत सिंह ने ड्रोन तकनीक की बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए आयोजन टीम के प्रयासों की सराहना की। वहीं कुलसचिव प्रो.(डॉ.) महिपाल सिंह ने आभार व्यक्त करते हुए मीडिया के निरंतर सहयोग की प्रशंसा की।
कार्यक्रम संयोजक प्रो.(डॉ.) तरुण कुमार शर्मा ने बूट कैंप के उद्देश्य और महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। परियोजना के सह-प्रधान अन्वेषक डॉ. ओ.पी. वर्मा (एनआईटी जालंधर) ने प्रतिभागियों को ड्रोन तकनीक की राष्ट्रीय उपयोगिता तथा कौशल उन्नयन की आवश्यकता पर मार्गदर्शन दिया।
उद्घाटन के बाद तकनीकी सत्र का संचालन विशेषज्ञ डॉ. गुरजोत कौर ने किया। इस दौरान सीएसई विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.) वरुण बंसल ने एनआईटी जालंधर से आए अतिथियों का सम्मान किया।
बूट कैंप छात्रों को अत्याधुनिक ड्रोन तकनीक, उसके अनुप्रयोगों और नवाचारों से परिचित कराने में अहम भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. अनिल रॉयल, रितु शर्मा, सुमिका जैन, कुलदीप चौहान, नितिन कुमार और पुष्पेंद्र कुमार का विशेष योगदान रहा।







