जातिवादी और धर्म की राजनीति से दूर रहे सांसद चंद्रशेखर: देवबंदी उलेमा
सांसद के ब्राह्मण विरोधी बयान पर जताई नाराज।


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर , देवबंद। नगीना सांसद चंद्रशेखर द्वारा 26 नवंबर को मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में ब्राह्मण समाज को लेकर दिए गए बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में तूफान आया हुआ है। सांसद के बयान को लेकर जहां देश के सामाजिक और राजनीतिक संगठन विरोध कर रहे हैं तो वहीं अब इस्लामिक फतवों की नगरी देवबंद के उलेमाओं ने भी सांसद चंद्रशेखर के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा है कि उन्हें जाति और धर्म वाद की राजनीति से दूर रहना चाहिए। जब आप सामाजिक संगठन से निकलकर राजनीतिक संगठन में चले जाते हैं तो उसे समय सभी धर्म और जाति व समाज के लोगों का सम्मान करना होता है।
देवबंदी उलेमा मौलाना मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है जहां संविधान और कानून का राज है। इस देश को ना तो अल्पसंख्यक से खतरा है, ना ही ब्राह्मणवाद से खतरा है, ना ही पिछड़ों दलितों से खतरा है। खतरा है तो सिर्फ धर्म और जाति के नाम पर लोगों को लड़ने वाले लोगों से, खतरा है तो देश की बुनियादी सुविधाओं को खत्म करने वाले लोगों से, अन्य किसी भी प्रकार का देश को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा सांसद चंद्रशेखर को सभी जाति धर्म का सम्मान करना चाहिए। यह देश सबका है यहां सब को जीने का अधिकार है। जिस प्रकार की उन्होंने बयान बाजी की है वह कहीं तक भी जायज नहीं है। नेताओं को इस प्रकार के बयानों से दूर रहना चाहिए। क्योंकि इस प्रकार के बयान से जातिवाद की राजनीति को बढ़ावा मिलता है।
ज्ञात रहे की 26 नवंबर को मुजफ्फरनगर के जीआईसी मैदान में आयोजित आजाद समाज पार्टी की विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए सांसद चंद्रशेखर ने कहा था किस देश को ना तो अल्पसंख्यक से खतरा है, नाही दलित और पिछड़ों से खतरा है, अगर खतरा है तो वह है ब्राह्मणवाद। चंद्रशेखर का यह अभियान सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लगातार उनके खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं अब देवबंद उलेमा ने उनके बयान पर नाराजगी जाहिर की है।







