श्रम संहिताओं के विरोध में ज्ञापन सौंपा, 26 नवंबर को प्रतिवाद दिवस मनाएंगे मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव



शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। केंद्र सरकार द्वारा 21 नवंबर 2025 को अधिसूचित की गई चार श्रम संहिताओं के विरोध में यूपीएमएसआरए (UPMSRA) ने सोमवार को जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। संगठन ने आरोप लगाया कि “व्यापार करने में सुगमता” के नाम पर लाई गई ये श्रम संहिताएं वास्तव में मजदूरों पर थोपे गए “आधुनिक गुलामी” का रूप हैं। UPMSRA का कहना है कि इन संहिताओं से सेल्स प्रमोशन एम्प्लॉइज (कंडीशन ऑफ सर्विस) एक्ट, 1976 सहित 29 श्रम कानून समाप्त कर दिए गए हैं, जिससे फिक्स्ड टर्म एम्प्लॉयमेंट और हड़ताल के अधिकार को अपराधीकरण का खतरा बढ़ गया है।
UPMSRA ने श्रम संहिताओं को तत्काल वापस लेने की मांग की और घोषणा की कि उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड के विक्री संवर्धन कर्मचारी 24 से 26 नवंबर तक काला दिवस मनाएंगे। वहीं, 26 नवंबर को केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर प्रतिवाद दिवस भी मनाया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में रजनेश चौहान, गौतम जोशी, अनुराग भटनागर, अंकित सैनी, नन्दन शर्मा, मोहित कुमार, अंकित कुमार, सागर चौहान, नितिन अग्रवाल और विश्वास कुमार शामिल रहे।







