मंडलायुक्त की अध्यक्षता में उद्योग बंधु बैठक, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण के निर्देश

शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। सर्किट हाउस सभागार में शनिवार को मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार की अध्यक्षता में मण्डलीय उद्योग बंधु बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंडल के तीनों जनपदों—सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली—के उद्योग से जुड़े लंबित प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निवेश मित्र पोर्टल पर कोई भी प्रकरण अनावश्यक रूप से लंबित न रहे और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में आरएम, यूपीसीडा मेरठ ने बताया कि औद्योगिक क्षेत्र पिलखनी में दुकानों के भूखंड आवंटन हेतु ई-ऑक्शन की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर पर प्रगति पर है और आगामी माह में इसे विज्ञापन के माध्यम से प्रकाशित किया जाएगा। इस पर मंडलायुक्त ने मुख्यालय से लगातार अनुश्रवण के निर्देश दिए।
लोक निर्माण विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि पिलखनी से सरसावा मार्ग तक 0.250 किमी सड़क निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष 0.350 किमी कार्य के लिए 42 लाख रुपये की आवश्यकता है। औद्योगिक संगठनों ने इस कार्य के लिए मंत्री व विधायक स्तर पर वार्ता का आश्वासन दिया है।
शामली जिले से जुड़े मामलों में मंडलायुक्त ने विजय चौक से औद्योगिक आस्थान तक सड़क चौड़ीकरण व डिवाइडर पर लाइट लगाने के प्रकरण को शासन में भेजने के निर्देश दिए। इसके अलावा 3 किमी नाले में नई सीवर लाइन बिछाने के लिए 30 लाख रुपये की डीआरडीए को भेजी गई मांग की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने इस कार्य के लिए संशोधित अनुमान तैयार कर आरईडी को कार्यदायी संस्था नामित करने के निर्देश दिए।
बैठक में राज्य कर विभाग ने शामली में एसजीएसटी के अधिकार क्षेत्र में की जा रही कार्यवाही की जानकारी दी। वहीं पिलखनी औद्योगिक क्षेत्र में बिजली शटडाउन की समस्या के समाधान पर उद्योग संगठनों ने समिति का धन्यवाद किया।
मंडलायुक्त ने सभी विभागों को ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के अंतर्गत चयनित निवेशकों की परियोजनाओं को शीघ्र गति देने के निर्देश दिए, ताकि औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन में तेजी लाई जा सके।
बैठक में संयुक्त आयुक्त उद्योग श्रीमती अंजू रानी, उपायुक्त उद्योग सहारनपुर श्री सचिन जैन, एसीआई मुजफ्फरनगर श्री आशीष कुमार, आईआईए अध्यक्ष सतीश अरोड़ा, लघु उद्योग भारती के महासचिव अनुपम गुप्ता सहित विभिन्न औद्योगिक संगठनों और विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।







