सहारनपुर में भाजपा को जल्द मिल सकता है नया जिला अध्यक्ष
बिहार चुनाव परिणाम के बाद तेज हुई संगठनात्मक कवायद, कई दिग्गज दावेदारों में बढ़ी बेचैनी


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। बिहार विधानसभा चुनाव में अप्रत्याशित सफलता के बाद भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व अब संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी में जुट गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार नवंबर के अंतिम सप्ताह से दिसंबर के प्रथम सप्ताह के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर प्रदेश एवं जिला अध्यक्षों की नई नियुक्तियों का ऐलान किया जा सकता है। इस कवायद के पीछे आगामी पंचायत चुनाव (2026) और 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बूथ मैनेजमेंट और संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की रणनीति बताई जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा के तुरंत बाद उत्तर प्रदेश को नया प्रदेश अध्यक्ष भी मिल सकता है। इसके बाद प्रदेश के उन जनपदों में भी नए जिला अध्यक्ष नियुक्त होंगे, जहां लंबे समय से संगठन में बदलाव नहीं हुआ है। सहारनपुर भी इसी श्रेणी में शामिल है, जहां 2020 से महेंद्र सैनी जिला अध्यक्ष पद पर बने हुए हैं।
लोकसभा चुनाव 2024 में सहारनपुर से भाजपा की करारी हार के बाद भी जिले में संगठनात्मक बदलाव नहीं हुआ था। पार्टी को यहां लगभग 60 हजार वोटों से पराजय का सामना करना पड़ा था। चुनाव विश्लेषण के दौरान भाजपा की आंतरिक गुटबाजी और कमजोर बूथ प्रबंधन को हार की बड़ी वजह माना गया था। स्वयं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक समीक्षा बैठक में यह टिप्पणी की थी कि सहारनपुर के लगभग 150 बूथों पर भाजपा के एजेंट तक मौजूद नहीं थे। इसके बाद भी जिला संगठन के स्तर पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं हुई।
अब जब प्रदेश नेतृत्व संगठन में व्यापक फेरबदल की तैयारी कर रहा है, सहारनपुर में नया जिला अध्यक्ष बनाए जाने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। यहां कई वरिष्ठ नेता और दिग्गज कार्यकर्ता जिला अध्यक्ष की रेस में सक्रिय बताए जा रहे हैं। हालांकि अंतिम निर्णय केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के पाले में है।
कौन बनेगा नया जिला अध्यक्ष? इस पर पार्टी हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है, लेकिन तस्वीर साफ होना अभी बाकी है। भाजपा का अगला जिला अध्यक्ष कौन होगा—इस पर सभी की नजरें जमी हैं।







