सहारनपुर

मानसिक स्वास्थ्य एवं कोचिंग सेंटर विनियमों पर समिति की बैठक, कड़े निर्देश जारी

शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में मानसिक स्वास्थ्य तथा कोचिंग सेंटर विनियमों की निगरानी एवं क्रियान्वयन हेतु गठित समिति की बैठक कलेक्ट्रेट में आयोजित की गई। बैठक में मानसिक स्वास्थ्य नीति, परामर्शदाता की उपलब्धता, भेदभाव निषेध, अकादमिक दबाव, हेल्पलाइन व्यवस्था, आपातकालीन सहायता, छात्र शिकायत निवारण तंत्र, अभिभावक संवेदनशीलता तथा छात्रावास सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा की गई और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जनपद के सभी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, कोचिंग सेंटर और छात्रावास “उम्मीद गाइडलाइन” तथा “मानोदर्पण” के अनुसार राष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम रणनीति का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। कोचिंग संस्थानों के पंजीकरण व नवीनीकरण से पूर्व समिति आवेदन पत्रों की जांच कर यह सत्यापित करेगी कि संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य नीति, परामर्शदाता की नियुक्ति, स्वच्छता, सुरक्षा प्रबंधन और अग्नि सुरक्षा जैसी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं या नहीं।

कोचिंग संस्थानों को दिव्यांगजन हितैषी मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा। जिन शिक्षण संस्थानों में 100 या उससे अधिक छात्र नामांकित हैं, वहां बाल एवं किशोर मानसिक स्वास्थ्य में प्रशिक्षित एक योग्य परामर्शदाता, मनोचिकित्सक या सामाजिक कार्यकर्ता की नियुक्ति अनिवार्य होगी। 100 से कम छात्रों वाले संस्थान अंशकालिक परामर्शदाताओं या मान्यता प्राप्त बाहरी मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ रेफरल व्यवस्था बनाकर नियमों का पालन करेंगे।

निर्देशों के अनुसार, राज्य विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय, राजकीय एवं सहायता प्राप्त महाविद्यालय तथा स्ववित्तपोषित संस्थान अपने स्वयं के संसाधनों से इस व्यवस्था को लागू करेंगे। किसी भी प्रकार का बैच विभाजन, सार्वजनिक अपमान या अत्यधिक शैक्षणिक लक्ष्य निर्धारण पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

सभी संस्थानों को राष्ट्रीय आत्महत्या रोकथाम हेल्पलाइन 14416 तथा 18008914416 के नंबरों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना होगा। परिसर, कक्षाओं, छात्रावासों और सभी सामान्य क्षेत्रों में इन नंबरों का स्पष्ट प्रदर्शन अनिवार्य है।

जिलाधिकारी ने आवासीय संस्थानों को निर्देश दिया कि सभी छात्रावासों में टैंपर प्रूफ सीलिंग फैन लगाए जाएं। साथ ही बच्चों पर मानसिक दबाव कम करने हेतु अभिभावकों से नियमित संवाद स्थापित किया जाए और काउंसलर सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

WebAdmin

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!