जनजातीय शौर्य की शान– धरती आबा बिरसा मुंडा : उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
बिरसा मुंडा के जीवन से राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सौहार्द की प्रेरणा मिलती है


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा का जीवन राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सौहार्द और जनजातीय स्वाभिमान का प्रतीक है। धरती आबा बिरसा मुंडा जनजातीय शौर्य की शान थे। वे धरती माता को गुलामी की बेड़ियों से मुक्त कराने के संघर्ष के अमिट प्रतीक हैं। उपमुख्यमंत्री शनिवार को सेठ गंगा प्रसाद माहेश्वरी जनमंच सभागार में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित जनजाति गौरव दिवस कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे।

कार्यक्रम की शुरुआत उपमुख्यमंत्री ने मां सरस्वती, भारत माता और क्रांतिवीर बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ की। उन्होंने बिरसा मुंडा के संघर्ष, उनके जीवन दर्शन और समाज में जागरूकता लाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समुदाय के विकास के लिए अनेक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। शिक्षा स्तर सुधारने से लेकर योजनाओं में भागीदारी बढ़ाने तक, सरकार हर क्षेत्र में जनजातीय समाज को सशक्त करने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। 1 से 15 नवंबर तक जनजातीय गौरव पखवाड़ा आयोजित कर जनजातीय समाज के योगदान को सम्मान दिया गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार जनजातीय बहुल ग्रामों में इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर कर रही है। छात्रवृत्ति, शुल्क प्रतिपूर्ति, आवास, पेयजल, बिजली, पेंशन, राशन कार्ड से लेकर आयुष्मान भारत योजना तक तमाम सुविधाएं प्राथमिकता के आधार पर जनजातीय समाज को उपलब्ध कराई जा रही हैं। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातियों के विकास के लिए मिशन मोड पर कार्य किया जा रहा है ताकि योजनाओं का लाभ हर पात्र तक पहुँचे।
बिरसा मुंडा के बलिदान को याद करते हुए मौर्य ने कहा कि मात्र 25 वर्ष की उम्र में उन्होंने रांची जेल में प्राण न्यौछावर कर दिए। “अपना देश अपना राज” का नारा देने वाले बिरसा मुंडा आज भी जनजातीय अस्मिता के प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि 31 अक्टूबर 1875 को लौहपुरुष सरदार पटेल और 15 नवंबर 1875 को भगवान बिरसा मुंडा का जन्म हुआ था। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर देश गर्व की अनुभूति कर रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश की थारू, मुसहर, चेरो, बुक्सा, सहरिया, कोल और गोंड जैसी जनजातियों को मुख्यमंत्री आवास योजना–ग्रामीण में प्राथमिकता दी जा रही है।
कार्यक्रम में मंत्री जसवंत सिंह सैनी, बृजेश सिंह, महापौर डॉ. अजय कुमार सिंह, विधायक राजीव गुंबर, मुकेश चौधरी, देवेंद्र कुमार निम, कीरत सिंह, शीतल बिश्नोई, डॉ. महेंद्र सिंह सैनी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।







