राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय में संगोष्ठी का आयोजन
विषय रहा-सहानुभूति से सशक्तिकरण तक, दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति समुदाय के दृष्टिकोण में परिवर्तन


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। माँ शाकुम्भरी विश्वविद्यालय, सहारनपुर के स्कूल ऑफ कम्युनिटी एजुकेशन एंड डिसएबिलिटी स्टडीज द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के उपलक्ष्य में एक सारगर्भित संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय था सहानुभूति से सशक्तिकरण तकरू दिव्यांग व्यक्तियों के प्रति समुदाय के दृष्टिकोण में परिवर्तन। कार्यक्रम का शुभारंभ मा. कुलपति प्रो. विमला वाई. के के करकमलों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इस अवसर पर वित्त अधिकारी सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी ने स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए संगोष्ठी के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। संगोष्ठी में प्रो. अवनीश सी. मिश्रा (पूर्व डीन, डॉ. शकुंतला मिश्र नेशनल रिहैबिलिटेशन यूनिवर्सिटी, लखनऊ), श्रीनारायण यादव (विशेष शिक्षक एवं दो बार राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षाविद्, प्रयागराज) तथा डॉ. रतन सिंह (सहायक प्राध्यापक, एस.एम.पी. राजकीय स्नातकोत्तर बालिका महाविद्यालय, मेरठ) ने विशिष्ट वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने दिव्यांगजनों के सामाजिक सशक्तिकरण, समावेशी शिक्षा और समुदाय की संवेदनशीलता पर बल देते हुए समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण निर्माण की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय की छात्रा सोनाक्षी द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार कमल कृष्ण ने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के समापन पर राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के अवसर पर मा. कुलपति प्रो. विमला वाई. के के करकमलों द्वारा वृक्षारोपण किया गया, जो पर्यावरण संरक्षण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक रहा। इस अवसर पर परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार, अनूप कुमार, तथा संकाय सदस्य श्रीमती सुनीता सोनकर, डॉ. सविता राठी, डॉ. सुरेन्द्र, डॉ. राजकुमार, डॉ. विजय प्रताप, डॉ. सुधांशु एवं डॉ. ऋचा सहित अनेक छात्र-छात्राएँ एवं अधिकारी उपस्थित रहे।







