ईंट भट्टों पर जीएसटी सर्वे का विरोध, भट्टा मालिक बोले – तुगलकी फरमान वापस ले सरकार


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर जिले में ईंट भट्टा मालिकों ने जीएसटी विभाग द्वारा कराए जा रहे सर्वे के खिलाफ जोरदार विरोध जताया है। भट्टा संचालकों ने इसे सरकार का तुगलकी फरमान बताते हुए प्रदेश सरकार से आदेश वापस लेने की मांग की है।
भट्टा एसोसिएशन का कहना है कि प्रदेश की भाजपा सरकार ने ईंट भट्टों का हर महीने सर्वे करने का नया आदेश जारी किया है, जबकि जीएसटी लागू होने के बाद हर महीने सर्वे का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए यह कदम पूरी तरह जीएसटी कानून के विरुद्ध है।
भट्टा संचालकों ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलने का समय मांगा है। वहीं प्रदेश के राज्यमंत्री कुंवर बृजेश सिंह और कपिल देव अग्रवाल ने मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, बिजनौर और मेरठ के भट्टा एसोसिएशन पदाधिकारियों को भरोसा दिया है कि टैक्स जमा करने वाले किसी भी भट्टा मालिक का उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा।
जीएसटी कमिश्नर ने भी सर्वे पर रोक लगाने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद सहारनपुर के असिस्टेंट कमिश्नर अनिल कुमार दिनकर ने नकुड़ तहसील क्षेत्र में सर्वे शुरू कर दिया, जिससे भट्टा मालिकों में नाराज़गी फैल गई।
ईंट भट्टा एसोसिएशन के संगठन महामंत्री सनी चौधरी, उपाध्यक्ष सोमवीर सिंह, संरक्षक बृजभूषण शर्मा और प्रवक्ता श्रवण शर्मा ने अधिकारियों के सामने विरोध दर्ज कराते हुए चेतावनी दी कि यदि उत्पीड़न नहीं रुका तो आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान जीएसटी कमिश्नर आर.के. कौशल से भी बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि जो भट्टा मालिक नियमित रूप से टैक्स जमा कर रहे हैं, उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं होगी, सिर्फ जानकारी एकत्र की जाएगी। उन्होंने जल्द ही भट्टा संचालकों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।
इस मौके पर बॉबी चौधरी, कालू प्रधान, अश्वनी सैनी, डॉ. मिलिंद चौधरी, मोकम सिंह समेत कई भट्टा मालिक मौजूद रहे।







