लखनऊ

पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों की खर्च सीमा तय, आज से शुरू होगी मतदाता सूची का विशेष पुनरीक्षण (एसआईआर)

शहरी चौपाल ब्यूरो 

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने विभिन्न स्तरों के प्रत्याशियों के लिए अधिकतम व्यय सीमा निर्धारित कर दी है। वहीं, प्रदेश में आज (मंगलवार) से विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है।

आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, ग्राम प्रधान अधिकतम ₹1.25 लाख तक खर्च कर सकेंगे। ग्राम पंचायत सदस्य के लिए अधिकतम सीमा ₹10 हजार, क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए ₹1 लाख, जिला पंचायत सदस्य के लिए ₹2.5 लाख, क्षेत्र पंचायत प्रमुख के लिए ₹3.5 लाख, और जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए अधिकतम ₹7 लाख की खर्च सीमा तय की गई है।

इसी के साथ, सभी पदों के लिए नामांकन पत्र खरीदने और जमानत राशि की सीमा भी आयोग द्वारा अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार तय कर दी गई है।

बीएलओ करेंगे घर-घर संपर्क

राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) प्रदेशभर के 15.44 करोड़ मतदाताओं के घर-घर जाकर गणना प्रपत्र वितरित करेंगे।

बीएलओ प्रत्येक मतदाता को दो प्रतियों में गणना फॉर्म देंगे—एक प्रतिलिपि मतदाता के हस्ताक्षर के साथ अपने पास रखेंगे। बीएलओ को एक मतदाता से संपर्क के लिए कम से कम तीन बार घर जाने का निर्देश दिया गया है।

गणना प्रपत्र में मतदाता का नाम, एपिक संख्या, भाग और क्रम संख्या, विधानसभा क्षेत्र, राज्य की प्रविष्टियां और फोटो पहले से छपे होंगे। मतदाता चाहें तो नया पासपोर्ट साइज फोटो चस्पा कर सकते हैं।

ऑनलाइन भी देख सकेंगे नाम

मतदाता voters.eci.gov.in पोर्टल पर वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अपना या अपने परिजनों का नाम देख सकते हैं। गणना प्रपत्र भरते समय बीएलओ आवश्यक सहायता प्रदान करेंगे। इस दौरान मतदाताओं को कोई दस्तावेज जमा नहीं करना होगा।

7 फरवरी को प्रकाशित होगी अंतिम मतदाता सूची

प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन 9 दिसंबर को होगा। दावे और आपत्तियां 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक ली जाएंगी। नोटिस चरण 9 दिसंबर से 31 जनवरी तक चलेगा। दावे-आपत्तियों पर निर्णय के बाद 7 फरवरी को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।

निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट मतदाता जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पहली अपील दायर कर सकेंगे, जबकि मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वितीय अपील की सुनवाई करेंगे।

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