सहारनपुर में श्री शिव धाम मंदिर में भव्य श्रीराम कथा का समापन, महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि के प्रवचनों से गूंजा शहर — भक्तिमय माहौल में शामिल हुए कई हस्तियां

शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। धर्म, आस्था और संस्कृति का संगम बने सहारनपुर के श्री शिव धाम मंदिर में एक सप्ताह तक चली श्रीराम कथा का भव्य समापन हुआ। महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज के दिव्य वचनों से श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा के दौरान पूरा परिसर “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंजता रहा और सात दिनों तक सहारनपुर भक्ति रस में सराबोर रहा।

इस धार्मिक आयोजन की विशेषता यह रही कि इसमें देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ कई नामचीन हस्तियों ने भी हिस्सा लिया। कथा के दौरान भक्ति संगीत की स्वर-सरिता तब और मधुर हो गई जब प्रसिद्ध गायिका अनुराधा पौडवाल ने अपने सुरों से भगवान श्रीराम की महिमा का गायन किया। उनके भजनों से वातावरण भावनाओं से भर उठा और श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर झूम उठे।

कथा के दौरान भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ी सुरेश रैना ने भी मंदिर परिसर पहुंचकर आशीर्वाद प्राप्त किया और कहा कि श्रीराम के आदर्श हर युग में समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। इसके अतिरिक्त बॉलीवुड गायक मीका सिंह और हरियाणवी कलाकार मासूम शर्मा ने भी मंच साझा करते हुए भक्ति गीत प्रस्तुत किए। उनके भजनों और लोकगीतों पर श्रद्धालु झूम उठे।
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों के मंत्री, विधायक एवं जनप्रतिनिधियों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई और महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि जी से आशीर्वाद प्राप्त किया। सहारनपुर के अनेक सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों और व्यापारिक समुदाय के लोगों ने भी इस कथा में भाग लेकर धार्मिक एकता और समाजिक समरसता का संदेश दिया।

महामंडलेश्वर कैलाशानंद गिरि जी महाराज ने कथा के माध्यम से धर्म, करुणा, सेवा और त्याग के संदेश को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि श्रीराम केवल एक देवता नहीं, बल्कि आदर्श जीवन के प्रतीक हैं। उनके जीवन से हमें सत्य, निष्ठा और मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा मिलती है।

इस विराट आयोजन के मुख्य यजमान एनआरआई अजय गुप्ता और उनकी मां अंगूरी देवी एवं परिवार के सदस्य रहे, जिन्होंने सहारनपुर में इतने बड़े पैमाने पर यह आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित कर सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया। अजय गुप्ता ने कहा कि भारत से दूर रहने के बावजूद उनका हृदय हमेशा अपनी मातृभूमि और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा रहता है।
कथा के समापन अवसर पर गंगा आरती, भंडारे और पुष्पवर्षा का आयोजन हुआ। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। समापन दिवस पर मंदिर परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा, और वातावरण में गूंजते रहे श्रीराम के जयघोष।

सहारनपुर के लिए यह सप्ताह भक्ति, उत्साह और अध्यात्म का ऐसा संगम बन गया जिसने धर्मनगरी की पहचान को एक बार फिर उजागर कर दिया।







