पंचायत चुनाव में फर्जी वोटरों पर नकेल कसने की तैयारी, आयोग बनाएगा विशेष मोबाइल एप


शहरी चौपाल ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में अब फर्जी वोटिंग की कोई गुंजाइश नहीं रहेगी। राज्य निर्वाचन आयोग ने नकली मतदाताओं को पकड़ने के लिए एक विशेष मोबाइल एप तैयार करने की योजना बनाई है। इस एप की मदद से बूथ पर आने वाले प्रत्येक मतदाता का फोटो उसी समय लिया जाएगा, जो रियल टाइम में आयोग के सर्वर पर अपलोड हो जाएगा।
आयोग के अनुसार, इस प्रक्रिया से कोई भी व्यक्ति एक ही चरण या अन्य चरणों में दोबारा वोट नहीं डाल सकेगा। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2021 के पंचायत चुनाव में कुल 12.45 करोड़ मतदाता थे, जिनमें से लगभग 2.27 करोड़ मतदाताओं को डुप्लीकेट पाया गया था। इसी वजह से आयोग ने मतदाता सूची में सुधार और फर्जी वोटिंग पर नियंत्रण के लिए यह तकनीकी कदम उठाया है।
यूपी में अब तक पंचायत चुनाव की मतदाता सूची में मतदाताओं के फोटो शामिल नहीं थे, जिससे फर्जी मतदान की संभावना बनी रहती थी। इस बार इसे रोकने के लिए नया एप लागू किया जाएगा, जैसा प्रयोग पहले मध्य प्रदेश में किया जा चुका है।
मतदान के दिन पीठासीन अधिकारी अपने मोबाइल नंबर पर आए वन टाइम पासवर्ड के जरिए इस एप में लॉगइन करेंगे। मतदान के समय प्रत्येक मतदाता की फोटो लेकर उसे एप में सेव किया जाएगा, जो तत्काल आयोग के सर्वर से सिंक हो जाएगी। यदि कोई मतदाता दोबारा वोट डालने का प्रयास करेगा, तो एप स्वतः अलर्ट जारी कर देगा कि उस मतदाता का मतदान पहले ही हो चुका है।
आयोग के सूत्रों ने बताया कि इस प्रणाली से न केवल फर्जी मतदान पर अंकुश लगेगा बल्कि इससे प्राप्त डेटा का उपयोग भविष्य में फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र तैयार करने में भी किया जा सकेगा।






