मत्स्यपालकों के हित में मंत्री संजय निषाद के निर्देश — 15 दिन में स्वीकृत हों मत्स्य किसान कार्ड आवेदन
गांव-गांव में प्रचारित हों कल्याण योजनाएं, बायोफ्लॉक टेक्नोलॉजी पर प्रशिक्षण पर जोर


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद ने शुक्रवार को सर्किट हाउस सभागार में विभागीय कार्यों की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मत्स्य पालक कल्याण कोष की योजनाओं का गांव-गांव में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें।
मंत्री ने बैंकों में लंबित मत्स्य किसान कार्ड के आवेदनों को आगामी 15 दिनों में स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि मत्स्यपालकों को बायोफ्लॉक टेक्नोलॉजी के सही उपयोग के लिए प्रशिक्षण दिलाया जाए, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सके।
उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि मत्स्य पालन के लिए जो पट्टे 10 वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुके हैं, उन्हें पात्रता के आधार पर जून माह से पूर्व पुनः आवंटित किया जाए। इसके अलावा, मछुआ दुर्घटना बीमा योजना के तहत मोबाइल ऐप के माध्यम से अधिकाधिक मत्स्यपालकों का बीमा कराया जाए।
मत्स्य मंत्री ने यह भी कहा कि रामपुर मनिहारान मत्स्य प्रक्षेत्र की हस्तांतरित भूमि के स्थान पर नई भूमि मत्स्य विभाग को उपलब्ध कराई जाए, ताकि मत्स्य पालन गतिविधियों में कोई बाधा न आए।
बैठक में विभागीय अधिकारी एवं संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
इससे पूर्व डॉ. संजय निषाद ने प्रेस वार्ता कर विभाग में संचालित योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी तथा पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर दिए।







