किसानों की सम्पन्नता ही सरकार का लक्ष्य : योगी आदित्यनाथ
गन्ना मूल्य में 30 रुपये की बढ़ोतरी, यूपी में 122 चीनी मिलें कर रहीं संचालन


शहरी चौपाल ब्यूरो
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बीते 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान सम्पन्नता की राह पर आगे बढ़ा है। किसानों के हित में योजनाएं बनना और उनका सफल क्रियान्वयन मोदी सरकार की देन है। सॉयल हेल्थ कार्ड, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं ने किसानों के जीवन में बड़ा परिवर्तन लाया है।
मुख्यमंत्री मंगलवार को लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को साहूकारों के जाल से मुक्त करने के लिए प्रत्येक किसान को 6000 रुपये प्रतिवर्ष किसान सम्मान निधि के रूप में दिए जा रहे हैं। प्रदेश सरकार ने किसानों की मांग पर गन्ने का समर्थन मूल्य 30 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाने का निर्णय लिया है।
योगी ने कहा कि 2017 से पहले गन्ना किसानों की हालत खराब थी, लेकिन भाजपा सरकार आने के बाद गन्ना मूल्य में अब तक 86 रुपये प्रति कुंतल की वृद्धि की गई है। 2017 से पहले प्रदेश में क्रय केंद्रों का अभाव था, जिससे किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता था, लेकिन अब सरकार सीधे किसानों से खरीद कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि भाजपा सरकार आने के बाद 86 लाख किसानों का कर्ज माफ, 23 लाख किसानों को सिंचाई योजनाओं का लाभ और 16 लाख निजी नलकूपों के बिल माफ किए गए।
उन्होंने कहा कि 2017 से पहले चीनी मिलें बंद हो रही थीं, लेकिन आज उत्तर प्रदेश में 122 चीनी मिलें सक्रिय रूप से कार्य कर रही हैं। गन्ने का क्षेत्रफल 20 लाख से बढ़कर 30 लाख हेक्टेयर तक पहुंच गया है।
योगी ने कहा कि प्रदेश में गन्ना किसानों का सम्मान सर्वोपरि है। 2007 से 2017 तक जितना भुगतान किसानों को मिला, उससे कहीं अधिक भुगतान भाजपा सरकार के कार्यकाल में किया गया है। दो-तीन चीनी मिल समूहों को छोड़ सभी मिलें किसानों का भुगतान समय पर कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की चीनी मिलें दस लाख से अधिक लोगों को रोजगार दे रही हैं और करीब ढाई करोड़ किसान गन्ने की खेती से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि “किसान की समृद्धि ही प्रदेश की समृद्धि है।”







