सहारनपुर

जीव और ब्रह्म का मिलन था श्रीकृष्ण-रूकमणि का विवाह: कौशिक

 

शहरी चौपाल ब्यूरो 

सहारनपुर। आचार्य पं. प्रवेश कौशिक ने कहा कि श्रीकृष्ण-रूकमणि का विवाह साधारण विवाह नहीं था बल्कि जीव और ब्रह्म का मिलन था। आचार्य पं. कौशिक पंजाबी बाग में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन ज्ञान की अमृतवर्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जी की जो पत्नियां थी वे वेदों की ऋचाएं थी जो स्त्री रूप में भगवान की सेवा कने के लिए आई थी। उन्हांेने कहा कि श्रीकृष्ण और रुकमणि का विवाह प्रेम और बुद्धिमत्ता का एक अनूठा संगम था, जिसमें श्रीकृष्ण ने शिशुपाल से पहले अपनी होने वाली शादी से पहले रुकमणि का हरण किया तथा उनके भाई रुक्म को युद्ध में हराया और फिर उन्हें द्वारका ले जाकर विधिवत विवाह किया, जिससे वे हमेशा के लिए एक हो गए। उन्होंने कहा कि यह विवाह श्रीकृष्ण की प्रेम भक्ति का प्रतीक है, जिसमें उन्होंने रुकमणि की निःस्वार्थ भक्ति और प्रेम को स्वीकार किया। कथा के यजमान जयशिव गौड़ वं परिवार था। कथा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालू मौजूद रहे।

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