मुस्लिम वोट बैंक साधने में जुटी बसपा, प्रदेशभर में भाईचारा कमेटियों की बैठकें करेगी पार्टी


शहरी चौपाल ब्यूरो
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने मुस्लिम वोट बैंक को साधने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में पार्टी ने पूरे प्रदेश में मुस्लिम समाज भाईचारा कमेटियों की बैठकों का आयोजन करने का ऐलान किया है।
लखनऊ के मॉल एवेन्यू स्थित बसपा कार्यालय में हुई मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन की मंडल स्तरीय बैठक में बसपा सुप्रीमो मायावती ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि हर मतदाता का नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत सक्रिय रूप से काम किया जाए।
बैठक में आकाश आनंद सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। मायावती के पहुंचने पर आकाश आनंद ने उनका पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
एक नवंबर को बामसेफ की बैठक बुलाई गई
मायावती ने आगामी एक नवंबर को बामसेफ की बैठक बुलाई है, जिसमें पिछड़े वर्गों के लोग भी शामिल होंगे। बताया गया कि मिशन 2027 के तहत संगठन को मजबूत करने के लिए बामसेफ कैडर को दोबारा सक्रिय किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पहले भी 2024 में बसपा ने इसी तरह की कोशिश की थी, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली थी। अब बामसेफ के पुनर्गठन के जरिए बसपा को नया बल देने की रणनीति बनाई गई है। बामसेफ से जुड़े अधिकांश लोग सरकारी सेवाओं में हैं, जो न केवल पार्टी की विचारधारा को आगे बढ़ाते हैं, बल्कि आर्थिक सहयोग भी करते हैं।
बसपा के शुरुआती दौर में बामसेफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी, जिसके बल पर पार्टी ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाई थी।







