सहारनपुर में पटाखा बाजारों में सुरक्षा मानकों की उड़ रही धज्जियां
बिना एग्जिट द्वार और भीड़ से खचाखच भरी दुकानों में कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा — आखिर कब जागेगा प्रशासन?


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। दीपावली पर्व के नजदीक आते ही शहर के पटाखा बाजारों में सुरक्षा मानकों की जमकर अनदेखी की जा रही है। प्रशासनिक नियम-कायदों को ताक पर रखकर पटाखों की बिक्री धड़ल्ले से जारी है। दुकानों में न तो एग्जिट द्वार हैं, न ही प्रशिक्षित अग्निशमन कर्मचारी मौजूद हैं। अंदर एक ही समय में सैकड़ों ग्राहक मौजूद रहते हैं, जिससे किसी भी पल बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।
देहरादून रोड पर स्थित पटाखों की एक बड़ी दुकान में सुरक्षा इंतजाम पूरी तरह नदारद हैं। दुकान के अंदर निकास द्वार न होने से दुर्घटना की स्थिति में लोगों का बाहर निकलना लगभग असंभव होगा। दुकान के बाहर मात्र चार बाल्टियाँ रेत और दो फायर सिलेंडर रखे हैं, जो किसी गंभीर स्थिति में नाकाफी साबित हो सकते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुकान के बाहर पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे सड़क पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन जाती है।
इसके अलावा दुकानों में बेचे जा रहे कई पटाखों की आवाज निर्धारित मानकों से कहीं अधिक तेज है। सूत्रों के अनुसार, कुछ विक्रेता ऐसे पटाखे भी बेच रहे हैं जिनका लाइसेंस नहीं है। ट्रांसपोर्ट नगर रोड स्थित कई दुकानों का हाल भी ऐसा ही है — वहां भी सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए बिक्री जारी है और दुकानों के अंदर ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रहती है।
सबसे चिंताजनक स्थिति बड़ी नहर के पास माणकमऊ रोड पर बने विशाल पटाखा गोदाम की बताई जा रही है। यहां ग्राहक सीधे गोदाम में प्रवेश कर खरीदारी कर रहे हैं। गोदाम के भीतर भारी मात्रा में पटाखे स्टॉक में रखे गए हैं और एक ही समय में सैकड़ों लोग वहां मौजूद रहते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यहां ज़रा सी चिंगारी भी भड़क गई, तो पूरा क्षेत्र भयावह आग की चपेट में आ सकता है।
लाइसेंस नियमों के अनुसार पटाखों के भंडारण स्थलों पर आम लोगों का प्रवेश वर्जित है, लेकिन सहारनपुर में इन नियमों की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही हैं। किसी भी दुकान या गोदाम में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं।
सभी पटाखा विक्रेता जीएसटी की भी सरेआम चोरी कर रहे हैं किसी ग्राहक को कोई बिल नहीं दिया जा रहा मनमाने रेट वसूले जा रहे हैं क्या जीएसटी विभाग में भी इनकी सेटिंग है
स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सभी पटाखा दुकानों और गोदामों की जांच कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि किसी भी संभावित त्रासदी को रोका जा सके।
प्रशासन को चाहिए कि तुरंत सभी पटाखा बाजारों की सुरक्षा जांच कराए, भीड़ नियंत्रण और अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करे, अन्यथा दीपावली की खुशियां किसी भी वक्त दर्दनाक हादसे में बदल सकती हैं।







