इस बार छह दिन तक मनाया जाएगा दीपोत्सव पर्व — 18 अक्तूबर से होगी शुरुआत, 23 अक्तूबर तक रहेगा उल्लास

शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। इस बार दीपावली पर्व पांच नहीं बल्कि छह दिन तक मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार दीपोत्सव की शुरुआत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि से 18 अक्तूबर को होगी और समापन 23 अक्तूबर को भाई दूज के साथ होगा।
शहर के ज्योतिषाचार्य एवं पंडितों के अनुसार दीपोत्सव का शुभारंभ 18 अक्तूबर को धनतेरस से होगा। इसके बाद 19 अक्तूबर को नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली), 20 अक्तूबर को मुख्य दीपावली, 21 अक्तूबर को भौमवती अमावस्या, 22 अक्तूबर को अन्नकूट गोवर्धन पूजा और 23 अक्तूबर को भाई दूज का पर्व मनाया जाएगा। इस प्रकार यह पर्व छह दिन तक उल्लासपूर्वक मनाया जाएगा।
कृष्णानगर स्थित श्री आशुतोष महादेव मंदिर के पुजारी पंडित आशुतोष पांडेय ने बताया कि धनतेरस का त्योहार 18 अक्तूबर को मनाया जाएगा। कार्तिक मास की त्रयोदशी तिथि दोपहर 12:18 बजे से प्रारंभ होकर 19 अक्तूबर को दोपहर 1:51 बजे समाप्त होगी। छोटी दीपावली 19 अक्तूबर को मनाई जाएगी जबकि मुख्य दीपावली का पर्व 20 अक्तूबर को होगा।
ज्योतिषाचार्य एस.एस. नागपाल के अनुसार, इस वर्ष दान और श्रद्धा की भौमवती अमावस्या 21 अक्तूबर को पड़ रही है। अन्नकूट गोवर्धन पूजा 22 अक्तूबर को और भाई दूज 23 अक्तूबर को मनाई जाएगी। इस तरह इस बार दीपोत्सव का उल्लास पूरे छह दिनों तक रहेगा।
दीपावली तक खरीदारी के शुभ मुहूर्त
16 अक्तूबर को मघा नक्षत्र और दशमी तिथि बिजनेस डील, नौकरी और बड़े सौदे करने के लिए शुभ मानी गई है
17 अक्तूबर को रमा एकादशी और गोवत्स द्वादशी के दिन भगवान विष्णु और महालक्ष्मी की पूजा का विशेष महत्व रहेगा यह दिन गैजेट, मोबाइल, लाइटिंग और सजावटी सामान की खरीदारी के लिए उपयुक्त रहेगा
18 अक्तूबर को धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन, कलश और धन्वंतरि पूजन सामग्री की खरीदारी शुभ रहेगी
19 अक्तूबर को रूप चतुर्दशी के अवसर पर वाहन, प्रॉपर्टी, इलेक्ट्रॉनिक और आभूषण की खरीदारी के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त रहेगा
20 अक्तूबर को दीपावली के दिन हस्त नक्षत्र में सोना, चांदी, सिक्के, पूजन सामग्री और बहीखाता खरीदना शुभ रहेगा
दीपोत्सव पर्व को लेकर शहर के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। मिठाइयों, सजावट के सामान, दीपों और उपहारों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई देने लगी है। व्यापारी वर्ग भी इस बार छह दिन चलने वाले पर्व से विशेष उत्साहित है।








