अहोई अष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया माताओं ने संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर नगर में अहोई माता का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया गया माताओं ने अपने पुत्रों के लिए व्रत रखकर उनकी दीर्घायु और उज्जवल भविष्य की कामना की नगर के विभिन्न हिस्सों में महिलाएं कथा सुनकर पूजा अर्चना करती दिखीं
महिलाओं ने बताया कि हिंदू धर्म में अहोई अष्टमी व्रत का विशेष महत्व है यह व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है माताएँ अपने बच्चों की लंबी उम्र सुख-समृद्धि और खुशहाल जीवन की कामना के लिए इस व्रत को निभाती हैं यह व्रत करवा चौथ के चार दिन बाद आता है और उत्तर भारत में बड़ी श्रद्धा और भक्ति से मनाया जाता है
पौराणिक कथा के अनुसार अहोई अष्टमी का व्रत माता पार्वती के वरदान से आरंभ हुआ एक साहूकार की पत्नी अपने बच्चों के लिए जंगल में मिट्टी लाने गई थी गलती से उसने एक साही के बच्चे की हत्या कर दी जिससे उसके घर में दुख और संतान हानि होने लगी तब महिला ने देवी पार्वती से क्षमा माँगी माता ने उसे कार्तिक कृष्ण अष्टमी के दिन अहोई माता की पूजा और व्रत रखने का निर्देश दिया तब से यह व्रत संतान की सुरक्षा और कल्याण के लिए अत्यंत पावन माना जाता है
इस अवसर पर राजबाला प्रमिला प्रीति सुमन सिमरन गिन्नी दीपा निशा समेत दर्जन भर महिलाएं शामिल रहीं और माता की पूजा अर्चना कर अपनी संतान की मंगल कामना की







