शामली

नशाखोरी के शिकंजे में जकड़ी जा रही है जिले की युवा पीढ़ी,गली मोहल्ले में धड़ल्ले से बिक रहे है मादक पदार्थ*

शहरी चौपाल ब्यूरो

सहारनपुर! एक समय था जब पंजाब को नशाखोरी के रूप में उड़ता पंजाब कहा जाता था लेकिन आज जनपद सहारनपुर के विभिन्न कस्बे गांव देहात के क्षेत्र के अलावा शहरी गली मोहल्ले नशाखोरी के अड्डे बन चुके हैं मादक पदार्थों के तस्कर बेखोफ होकर गली मोहल्लो में घातक मादक पदार्थों की बिक्री कर रहे हैं हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आशीष तिवारी नशाखोरी व नशा तस्करों के खिलाफ सख्त अभियान छेड़े हुए हैं लेकिन इसके बाद भी मादक पदार्थों की बिक्री पर अंकुश नहीं लग रहा है खास बात यह है की जिला चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज के अलावा कई एन जी ओ जनपद के अलग-अलग स्थान पर नशा मुक्ति केंद्र संचालित कर रहे हैं लेकिन इसके बाद भी नशाखोरी पर लगाम नहीं कसी जा रही है शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नशे का कारोबार भयावह रूप ले चुका है। पुख़्ता सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार गलियों और मोहल्लों में स्मैक और अन्य नशीले पदार्थ खुलेआम बिक रहे हैं। नशे का कारोबार करने वाले युवाओं और नौजवानों को अंधकार में धकेल रहे हैं और इस जाल में फंसकर कई नौजवान अपनी जिंदगी बर्बाद कर रहे हैं। युवक नशे की गिरफ्त में आकर केवल अपने भविष्य को नहीं बल्कि पूरे परिवार को तबाह कर रहे हैं!सूत्रों का कहना है कि किसी परिवार का बेटा या युवक नशे में फंसने के बाद घर के माहौल को जहर बना देता है। मां-बाप मानसिक और भावनात्मक रूप से टूट जाते हैं! पत्नियां मजबूरन अपने पति को छोड़कर मायके चली जाती हैं और बच्चे असुरक्षा और तनाव के बीच पढ़ाई और भविष्य खो बैठते हैं। कई घरों में तलाक तक की नौबत आ चुकी है और परिवार पूरी तरह बिखरने के कगार पर हैं।

इस बीच सहारनपुर डीआईजी ने ऑपरेशन सवेरा चला रखा है, नशे के अंधकार से नौजवानों को जीवन के उजाले की ओर लाने के लिए। इसके तहत कई तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है और नशे के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है। लेकिन नशे का कारोबार करने वाले तस्कर अपना धंधा बेखोफ होकर चला रहे हैं मादक पदार्थों की तस्करी व बिक्री करने वाले अपने लालच और मोटा मुनाफा खोरी के चक्कर में लगातार लोगों के घर उजाड़ रहे हैं और समाज में भय और अव्यवस्था फैला रहे हैं।

प्रदेश सरकार लगातार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलों में बड़े पैमाने पर कार्रवाई की जा रही है। सहारनपुर के एसएसपी और डीआईजी की सख़्ती के बावजूद नशा खुलेआम बिक रहा है। सूत्रों के अनुसार कई परिवार इस नशे के जाल में फंस चुके नौजवानों के कारण टूटने की कगार पर हैं।

खुलेआम नशे का कारोबार पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। आखिर इतनी शक्ति और लगातार कार्रवाई के बावजूद तस्कर नौजवानों को नशा क्यों परोस रहे हैं? क्या पुलिस का खौफ़ खत्म हो गया है या यह कहीं न कहीं बड़ी प्रशासनिक और सामाजिक चूक का संकेत है!

सरकार की नीति और एसएसपी एवं डीआईजी की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन अगर और कठोर कदम नहीं उठाए गए तो आने वाली पीढ़ी पूरी तरह बर्बाद हो जाएगी!

WebAdmin

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!