स्मार्ट मीटर लगाने वाली प्राइवेट कंपनी का बड़ा खेल उजागर
मॉर्निंग रेड में विद्युत विभाग और विजिलेंस टीम ने पकड़ी बिजली चोरी, कई मीटरों में की गई छेड़छाड़ का खुलासा


शहरी चौपाल ब्यूरो फैय्याज अली आब्दी
नानौता। बुधवार सुबह विद्युत विभाग और विजिलेंस टीम ने नगर में बिजली चोरी के खिलाफ मॉर्निंग रेड अभियान चलाया, जिसमें स्मार्ट मीटर लगाने वाली प्राइवेट संस्था की बड़ी लापरवाही और भ्रष्टाचार का मामला सामने आया। एसडीओ व जी के नेतृत्व में टीम जब मिनारा मस्जिद के पास स्थित एक कॉलोनी में पहुंची, तो जांच के दौरान कई स्मार्ट मीटरों में छेड़छाड़ पाई गई।
शक होने पर जब विभागीय टीम ने मीटर खोले, तो स्पष्ट हुआ कि मीटरों के अंदर तकनीकी हेराफेरी कर बिजली की खपत को कृत्रिम रूप से कम दिखाया गया था। टीम ने मौके से सभी संदिग्ध मीटर जब्त कर सील कर दिए और जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया।
गरीब उपभोक्ताओं को बनाया गया शिकार
जांच के दौरान स्थानीय उपभोक्ताओं ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों ने उनसे कहा था कि “हम जुगाड़ कर देंगे, जिससे मीटर कम चलेगा और बिल भी घटेगा।” इस लालच में आकर कुछ उपभोक्ताओं ने कर्मचारियों को रिश्वत के रूप में रकम सौंप दी, जिसके बाद मीटरों में छेड़छाड़ की गई।
अधिकारियों ने जताई गंभीरता, जांच के आदेश
सूचना मिलते ही एक्सईएन सुरेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और स्मार्ट मीटरों की बारीकी से जांच की। उन्होंने कहा कि यह मामला अत्यंत गंभीर है और स्मार्ट मीटर लगाने वाली प्राइवेट संस्था के कर्मचारी जांच के घेरे में हैं। साथ ही, जिन उपभोक्ताओं ने लालच में आकर यह कार्य कराया है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे ठेकेदार कर्मी
प्रदेश सरकार जहां बिजली व्यवस्था को स्मार्ट और पारदर्शी बनाने की दिशा में कदम उठा रही है, वहीं प्राइवेट कंपनी के कुछ कर्मचारी उपभोक्ताओं से अवैध वसूली कर सरकार की मंशा पर पानी फेर रहे हैं।
अब देखना यह होगा कि विद्युत विभाग के आला अधिकारी इस गंभीर मामले पर क्या कार्रवाई करते हैं। लेकिन इतना तय है कि स्मार्ट मीटर के नाम पर नगर में बड़ा खेल खेला गया है, जिससे सरकार और उपभोक्ता दोनों को नुकसान उठाना पड़ा है।







