राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के 100 वर्ष पूरा होने पर शिक्षक नेता डॉ. कुलदीप मलिक आरएसएस प्रमुख से की अपील
बंद हो विद्या भारती के संस्थानों में शिक्षकों का आर्थिक शोषण


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। शिक्षक नेता डा. कुलदीप मलिक ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने पर बधाई देते हुए आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से संघ से सम्बद्ध विद्या भारती के शिक्षण संस्थानों में अध्यापकों के हो रहे आर्थिक शोषण को बंद कराने की मांग की है। एक जर्नलिस्ट को दिए साक्षात्कार में डा. मलिक ने आरोप लगाया कि विद्या भारती के शिक्षण संस्थानों में नियुक्त अध्यापकों को न्यूनतम मजदूरी से भी कम वेतन दिया जा रहा है जोकि कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक राष्ट्रवादी संगठन है और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को हमेशा श्रेष्ठ मानता है। वहीं दूसरी तरफ विद्या भारती के संस्थानों में कार्य करने वाले शिक्षकों को आर्थिक रूप से शोषण करने का काम किया जा रहा है। उन्होंने खुलेतौर पर खुलासा किया कि 5 वर्ष पूर्व जब उन्होंने मेरठ सहारनपुर मंडल में चुनाव के दौरान उन्हें दोनों मंडलों के विद्या भारती के संस्थानों में प्रवास का शुभ अवसर मिला तो उन्होंने अपनी आंखों से देखा कि वहां पर कार्य करने वाले शिक्षक बहुत ही काम वेतन पर काम करते हुए अपने आपको आर्थिक रूप से शोषित समझते हैं। उन्होंने कहा कि विद्या भारती के शिक्षण संस्थान वैसे शिक्षा एवं अनुशासन के हिसाब से तारीफ के पात्र हैं परंतु जो शिक्षक इसमें अपनी अहम् भूमिका निभा रहे हैं, उनका कहीं न कहीं आर्थिक शोषण किया जा रहा है जो नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरएसएस प्रमुख श्री भागवत से उम्मीर्द जताई कि आरएसएस के स्थापना के शताब्दी वर्ष में विद्यार्थी के शिक्षण संस्थानों में नियुक्त अध्यापकों का वेतन सम्मानजनक किया जाएगा।







