वर्ल्ड हार्ट डे पर जागरूकता कार्यक्रम: हृदय की देखभाल सबसे बड़ा संकल्प

शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर। 29 सितम्बर को विश्वभर में वर्ल्ड हार्ट डे मनाया गया। वरिष्ठ फिजिशियन एवं हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संजीव मिगलानी (एमडी, मेडिसिन, गोल्ड मेडलिस्ट) ने इस अवसर पर बताया कि हृदय रोग आज दुनिया में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बन चुके हैं। भारत में लगभग 52.3 करोड़ लोग हृदय संबंधी बीमारियों से ग्रसित हैं और यह समस्या ग्रामीण क्षेत्रों तक तेजी से बढ़ रही है।

डॉ. मिगलानी ने बताया कि विश्व में हर चार में से एक व्यक्ति की मृत्यु का कारण हृदय रोग है और यदि समय रहते रोकथाम न की गई तो वर्ष 2030 तक हर तीसरे मरीज की मौत का कारण हार्ट डिजीज होगी।
दिल के दौरे के मुख्य कारण
धूम्रपान, उच्च रक्तचाप, मोटापा, ब्लड लिपिड्स की अधिकता, डायबिटीज का गलत नियंत्रण, अत्यधिक गुस्सा या चिंता, अनुवांशिक प्रवृत्ति और शराब का सेवन प्रमुख कारण हैं।
दिल के दौरे के लक्षण
छाती के बीचोंबीच दर्द, दर्द का हाथों और गले तक फैलना, पसीना-उल्टी आना और सांस फूलना इसके प्रमुख लक्षण हैं।
परहेज और आहार
दिल के मरीजों को वनस्पति घी, तली चीजें, मीट, अंडे का पीला भाग और अधिक वसा युक्त भोजन से परहेज करना चाहिए। वहीं हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद, ताजे फल, साबुत दालें, ब्राउन राइस, प्याज और लहसुन का सेवन लाभदायक है।
सावधानियां
मरीजों को भारी काम, सीधी चढ़ाई, ज्यादा ठंड और गुस्से से बचना चाहिए। धूम्रपान-शराब से परहेज और मोटापे का इलाज आवश्यक है।
युवाओं में हार्ट अटैक के कारण
आरामदेह जीवनशैली, जंक फूड, मानसिक तनाव, डायबिटीज और टाइप-ए पर्सनालिटी युवाओं में हार्ट अटैक की बड़ी वजह हैं। डॉ. मिगलानी ने कहा कि शुरुआती तीन घंटे हार्ट अटैक के मरीज के लिए बेहद अहम होते हैं। समय पर इलाज मिलने से जान बचाई जा सकती है।
वर्ल्ड हार्ट डे 2025 की थीम
“Don’t Miss a Beat – एक भी धड़कन न छूटे।”
इसका संदेश है कि लोग प्रारंभिक संकेतों को पहचानें, नियमित जांच कराएं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हृदय रोगों से बचाव करें।







