रावण-अंगद संवाद लीला के मोहक मंचन से दर्शक भाव-विभोर
रामायण जीवन में अंगीकार करने योग्य है : संतोष बहादुर सिंह


शहरी चौपाल ब्यूरो
सहारनपुर । श्री राधा कृष्ण मंदिर क्लब रामलीला गांधी पार्क में 39वें दशहरा एवं दशहरा महोत्सव के क्रम में रावण-अंगद संवाद की लीला का अद्भुत मंचन हुआ। आकर्षक अभिनय और संवादों ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
मंचन में बालाजी हनुमान की लंका दहन लीला, समुद्र पार करने हेतु रामदल द्वारा की गई पूजा, रामेश्वरम की स्थापना और राम नाम के पत्थरों के तैरने का दृश्य विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। विभीषण द्वारा रावण को समझाने, रावण की अप्रसन्नता और विभीषण के रामदल में सम्मिलित होने का प्रसंग भी प्रभावशाली रहा।
विशेषकर रावण दरबार में अंगद द्वारा पैर जमाने और रावण को सिंहासन छोड़कर पैर उठाने की चुनौती वाले दृश्य पर दर्शकों की तालियां गूंज उठीं। कलाकारों ने अपने पात्रों को जीवंत कर दिया — अतुल सचदेवा (राम), वंशिका (सीता), संकल्प नैब (अंगद), आशु सहगल (रावण), कुणाल वत्स (मेघनाथ), आशीष जैन (विभीषण) सहित अन्य कलाकारों ने अपनी भाव-भंगिमाओं और संवाद अदायगी से दर्शकों का मन मोह लिया।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन संतोष बहादुर सिंह का क्लब पदाधिकारियों ने अंगवस्त्र पहनाकर अभिनंदन किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि रामायण को जीवन में अंगीकार करना ही सच्चा धर्म है। उन्होंने दशहरे को हर्षोल्लास और संयम के साथ मनाने का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम की सफलता में क्लब अध्यक्ष चौधरी जोगेंद्र कुमार, मंत्री राकेश शर्मा, साहित्यकार रमेश चंद्र छबिला, राकेश वत्स सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने योगदान दिया। मंच संचालन राकेश वत्स, रमेश चंद्र छबिला और विनय वत्स ने किया।







