मुजफ्फरनगर में किन्नर समाज का ऐतिहासिक फैसला
नाजिम बाजी बनीं समाज की बुलंद आवाज़, विवाद खत्म – पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए बड़ा संकल्प


शहरी चौपाल ब्यूरो नितिन शर्मा
मुजफ्फरनगर, । राष्ट्रीय किन्नर संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष नाजिम बाजी की अगुवाई में शनिवार को मुजफ्फरनगर में किन्नर समाज की एक भव्य और ऐतिहासिक बैठक आयोजित हुई। शहर और आसपास के इलाकों से सैकड़ों किन्नर इस बैठक में शामिल हुए। समाज के वरिष्ठ गुरुओं और मौजिज व्यक्तियों की मौजूदगी में वर्षों से चले आ रहे विवादों का पटाक्षेप कर दिया गया।
बैठक का माहौल अनुशासित, लेकिन भावुक रहा। जैसे ही यह घोषणा हुई कि दोनों पक्ष अब समझौते पर सहमत हैं और किसी के क्षेत्र में कोई दखलंदाजी नहीं होगी, बैठक स्थल तालियों और जयकारों से गूंज उठा। नाजिम बाजी ने साफ कहा कि यह फैसला दोनों पक्षों की सहमति से हुआ है और यदि कोई भी इसका उल्लंघन करेगा तो पूरे समाज की ओर से उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पूर्व में दर्ज कानूनी मुकदमों को वापस लेने और आपसी कलह व आरोप-प्रत्यारोप की परंपरा खत्म करने का संकल्प लिया गया।
इस ऐतिहासिक फैसले में नाजिम बाजी की भूमिका निर्णायक रही। समाज के हर वर्ग ने उन्हें किन्नर समाज की बुलंद आवाज़ बताया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि वे हर परिस्थिति में अपने समाज के साथ खड़ी रहेंगी। आज का फैसला आने वाली पीढ़ियों के लिए मिसाल बनेगा।
बैठक में एक और मानवीय पहल करते हुए नाजिम बाजी ने ऐलान किया कि पंजाब में आई बाढ़ से प्रभावित लोग अकेले नहीं हैं। किन्नर समाज उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो वे अपनी संपत्ति और घर तक बेचकर पीड़ितों की मदद करेंगे। इस घोषणा से माहौल भावुक हो उठा और कई किन्नरों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
प्रदेश अध्यक्ष संगीता वर्मा ने कहा कि यह फैसला समाज के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में दर्ज होगा। वहीं मुस्कान किन्नर ने कहा कि जिस तरह हमने मतभेद भुलाकर इंसानियत के लिए एकजुटता दिखाई है, वह पूरे देश के लिए संदेश है।
मुजफ्फरनगर में हुई यह बैठक केवल विवाद खत्म करने का मंच नहीं रही, बल्कि यह किन्नर समाज की ताकत, एकता और इंसानियत का अद्भुत उदाहरण बनकर उभरी। नाजिम बाजी की नेतृत्व क्षमता और पंजाब बाढ़ पीड़ितों के लिए संकल्प ने उन्हें जनता और किन्नर समाज की नजरों में एक सच्चा हीरो बना दिया है।







