श्रीमद भागवत कथा से मिलती है जीवन को सही दिशा: मनीष चौधरी
आस्था और भक्ति से गुंजायमान हुआ दुर्गा पंचायती मंदिर, श्रीमद भागवत कथा का हुआ भव्य समापन


शहरी चौपाल ब्यूरो नितिन शर्मा
मुजफ्फरनगर। शहर के पुरानी आबकारी स्थित दुर्गा पंचायती मंदिर में बीते एक सप्ताह से चल रही श्रीमद भागवत कथा का शनिवार को आध्यात्मिक उल्लास और श्रद्धा के माहौल में समापन हुआ। जहां भक्ति रस में डूबे श्रद्धालुओं ने ईश्वर की लीलाओं का रसास्वादन किया, वहीं समाजसेवी मनीष चौधरी की मुख्य अतिििा के रूप में उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।
शहर के मौहल्ला पुरानी आबकारी स्थित दुर्गा पंचायती मंदिर परिसर में विगत दिनों से चल रही श्रीमद भागवत कथा ज्ञानयज्ञ का समापन शनिवार शाम को विधिवत रूप से सम्पन्न हुआ। संपूर्ण कार्यक्रम में भक्ति, ज्ञान और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। समापन अवसर पर राष्ट्रीय सामाजिक संस्था के अध्यक्ष एवं समाजसेवी मनीष चौधरी बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। मंदिर प्रांगण में आयोजक हरिकृष्ण शर्मा और नरेश कश्यप ने पुष्पवर्षा, तिलक और पटका पहनाकर मुख्य अतिथि का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए मनीष चौधरी ने कहा कि श्रीमद भागवत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला ग्रंथ है। यह कथा हमें न केवल भक्ति का मार्ग दिखाती है, बल्कि सामाजिक समरसता, नैतिकता और सेवा भावना का पाठ भी पढ़ाती है। ऐसे आयोजनों की आज समाज को सबसे अधिक आवश्यकता है, जो नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं। मैं आयोजकों का हृदय से धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने इस पुनीत कार्य में भागीदारी निभाई और क्षेत्रवासियों को आध्यात्मिक लाभ दिलाया।
काशी से पधारे प्रख्यात कथा वाचक पं. बिजेन्द्र मिश्रा ने कथा के समापन अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति मार्ग की महिमा, और कलियुग में सत्संग व श्रवण की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद भागवत कथा केवल भगवान की कथा नहीं, बल्कि यह मनुष्य जीवन की साधना है। कलियुग में नाम-स्मरण और सत्संग ही सबसे बड़ा साधन है। जो व्यक्ति भगवान की लीलाओं को श्रद्धा से सुनता है, उसके जीवन में आत्मिक शांति और दिव्यता स्वत: ही प्रवेश करती है। मिश्रा जी के सजीव भाव और मधुर शैली ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। कथा स्थल पर ‘हरे राम, हरे कृष्ण’ के संकीर्तन से वातावरण भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर पंडित अनुज मिश्रा पंडित शशिकांत मिश्रा हरिकिशन वर्मा नरेश कश्यप सुदामा उपस्थित रहे







